झारखंड के बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गुरुवार 24 सितंबर को रांची की विशेष PMLA अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन के बिंदु पर चर्चा होनी थी, सीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में जुड़े. इस दौरान हेमंत सोरेन ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया. उनकी ओर से कहा गया कि ED ने हाल ही में कुछ दस्तावेज अदालत में पेश किए हैं, जिनका अवलोकन कर उनके संबंध में आवश्यक जानकारी हासिल करने के लिए उन्हें समय चाहिए. अदालत ने सीएम के अनुरोध को स्वीकार कर उन्हें समय दे दिया. अब मामले की अगली सुनवाई बुधवार 30 सितंबर को होगी.
क्या है पूरा मामला?
16 लोगों पर आरोप हो चुका है तय
ED की जांच के बाद अब तक कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया. इससे पहले अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होती रही. हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय होना बाकी हैं. इससे पहले 21 सितंबर को तकनीकी समस्या के कारण कोर्ट की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी थी, अदालत ने 24 सितंबर की डेट निर्धारित की थी. लेकिन, अब एक बार फिर मामले की तारीख आग बढ़ गई है.
दो प्रयास के बाद नहीं मिली राहत
इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन की ओर से निचली अदालत में आरोपों से मुक्त किए जाने की मांग की गई थी. विशेष PMLA कोर्ट ने 8 जून 2026 को उनकी डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया. 18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने भी जांच पर रोक लगाने की उनकी मांग स्वीकार नहीं की थी. जिसके बाद PMLA कोर्ट में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है.
ये भी पढ़ें...
पैकेज्ड फूड पर चेतावनी लेबलिंग कब तक, कैसे होंगे नियम? FSSAI ने SC को सब कुछ बताया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं