- झारखंड CM हेमंत सोरेन ने JPSC CGL परीक्षा को 24 दिन के छात्रों के आंदोलन के बाद रद्द करने का निर्णय लिया है.
- छात्रों ने व्यापक पैमाने पर परीक्षा में धांधली के आरोप लगाते हुए लंबे समय से इस मामले में आंदोलन किया था.
- TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उनके नतीजों को भी रद्द किए जाने की घोषणा की गई है.
झारखंड में 24 दिनों से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच आज सरकार ने बड़ी घोषणा की है. झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने जेपीएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया है. इसे छात्रों की बड़ी जीत माना जा रहा है. सीएम की घोषणा के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के जश्न का दौर शुरू हो गया है. छात्र बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं. जेपीएससी सीजीएल परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे. इसके लिए छात्रों का एक दल लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. 24 दिन बाद सीएम ने जेपीएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया है.
झारखंड CM हेमंत सोरेन ने कहा, "आज कैबिनेट ने JSSC-CGL को भी रद्द करने का निर्णय लिया है. 2014 से जितनी भी छोटी बड़ी गलतियां हुई हैं सभी की जांच होगी."
VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, "Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द
झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, 'आज हमने इस मामले को सुलझाने के लिए कैबिनेट की एक खास बैठक की. सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान खोजने के बाद, हमने TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, TDPL द्वारा जारी नतीजों और TDPL के ज़रिए किसी भी उम्मीदवार के चयन या भागीदारी को रद्द करने का फ़ैसला किया है. इस सिलसिले में TDPL की सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं. '
अभी जांच जारी, इसलिए सभी जानकारी नहीं दे सकतेः सीएम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, "SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. चूंकि जांच अभी चल रही है, इसलिए हर जानकारी को सार्वजनिक करना संभव नहीं है; हालांकि, यह देखा गया है कि CGL प्रक्रिया के जरिए नियुक्त किए गए लोगों को अब JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है.
इसके अलावा, अलग-अलग समय पर यहां काम करने वाली कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क भी सामने आया है. जांच का दायरा 2014 से लेकर अब तक हुई सभी परीक्षाओं तक फैला है. हमने संबंधित विभाग और CID को निर्देश दिए हैं; चूंकि जांच शुरू हो चुकी है, इसलिए इसे पूरी तरह और बारीकी से किया जाना चाहिए..."
#WATCH | Ranchi, Jharkhand | On CM's announcement to cancel the JSSC-CGL exam and all exams conducted on behalf of TDPL, Student leader Devendra Nath Mahato says, "Action has certainly been taken regarding the irregularities and malpractice that plagued the system—the very issues… pic.twitter.com/vfetlO0uLG
— ANI (@ANI) August 17, 2026
छात्रों की सीबीआई जांच की मांग अब भी बरकरार
हालांकि छात्रों की सीबीआई जांच की मांग अब भी बरकरार है. छात्र नेता रविन्द्र पासवान ने कहा - आंदोलन जारी रहेगा, CBI जांच के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा. दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा JSSC-CGL परीक्षा और TDPL की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "सिस्टम में फैली गड़बड़ियों और गलत कामों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की गई है. ये वही मुद्दे हैं जिनके खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी और आंदोलन के दौरान अपनी जान तक जोखिम में डाली. हमारी मांगें तो मान ली गई हैं, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि हम पूरी तरह संतुष्ट हैं, क्योंकि अभी एक लंबी लड़ाई बाकी है.
फिर भी, हमारी मांगों पर ध्यान देने के लिए हम सरकार का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हैं. हम मीडिया, पुलिस, प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में शामिल अपने सभी साथियों का भी धन्यवाद करते हैं. हालाँकि, पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा. जहाँ तक हमारी भविष्य की रणनीति का सवाल है, तो इस मामले पर बातचीत और विचार-विमर्श करने के बाद ही हम इसकी घोषणा करेंगे."
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