झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आयोजन में लगातार हो रही देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. करीब 9 साल से राज्य में TET परीक्षा नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह को शोकॉज नोटिस जारी किया है. जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने सचिव से पूछा है कि न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना का आरोप क्यों नहीं तय किया जाए. दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव खुद अदालत में उपस्थित हुए थे.
उन्होंने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) आयोजित कराने का आश्वासन देते हुए कोर्ट से इसके लिए तीन महीने का समय मांगा था. अदालत ने समय दिया, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद JTET का आयोजन नहीं कराया गया. अब इस मामले में हाईकोर्ट ने विभाग से स्पष्ट जवाब मांगा है कि अदालत के निर्देश और सचिव की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद शिक्षक पात्रता परीक्षा क्यों नहीं आयोजित की गई.
9 साल से परीक्षा नहीं, हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार
झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से TET परीक्षा के आयोजन की मांग करते रहे हैं. नियमित अंतराल पर शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने शिक्षक नियुक्ति की पात्रता हासिल करने का रास्ता भी बाधित हुआ है.
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब शिक्षा विभाग पर JTET के आयोजन को लेकर दबाव बढ़ गया है. अदालत के अगले कदम पर भी सभी की नजरें टिकी हैं. अगर विभाग संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है, तो सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है.
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