Jharkhand Politics: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी ने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है. राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले मुकाबले में अब वोटों के गणित से ज्यादा रिजॉर्ट पॉलिटिक्स और विधायक बचाओ की रणनीति चर्चा में है. चुनावी जंग अब इतनी तेज हो गई है कि पार्टियों को अपने ही विधायकों पर नजर रखनी पड़ रही है. इसमें डर है कि कहीं कोई सदस्य क्रॉस वोटिंग न कर दे.
एनडीए का होटल रेडिसन ब्लू में डेरा
एनडीए ने एहतियात बरतते हुए ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' का मंत्र अपना लिया है. मंगलवार को अचानक रणनीति बदली और एनडीए के सभी विधायक अपने सूटकेस लेकर रांची के होटल रेडिसन ब्लू में शिफ्ट हो गए. जानकारी के अनुसार, ये सभी विधायक 18 जून को होने वाली मतगणना तक इसी होटल में रहेंगे ताकि किसी भी तरह की सेंधमारी से बचा जा सके.
गठबंधन के विधायक बुलाए गए सीएम आवास
सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस गठबंधन भी पीछे नहीं है. गठबंधन ने अपनी किलेबंदी मजबूत कर ली है. 16 और 17 जून को गठबंधन के सभी विधायकों को मुख्यमंत्री आवास में तलब किया गया है. यहां उन्हें केवल चुनावी बारीकियां ही नहीं समझाई जाएंगी. इसके साथ ही मतदान की प्रक्रिया का अभ्यास भी कराया जाएगा ताकि कोई भी सदस्य गलती से गलत जगह वोट न डाल दे.
भितरघात का बना हुआ डर
इस पूरी उठापटक के केंद्र में केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि भितरघात का डर सबसे बड़ा है. हर दल अपने विधायकों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और पाला बदलने की किसी भी संभावना को रोकने के लिए सतर्क है. मॉक पोल और होटल पॉलिटिक्स के इस तड़के ने राज्य के राज्यसभा चुनाव को किसी सस्पेंस जैसा बना दिया है. फिलहाल सभी की निगाहें 18 जून पर टिकी हैं.
यह भी पढ़ें-
झारखंड राज्यसभा चुनाव: BJP के मंसूबों पर फिरेगा पानी? अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटी कांग्रेस
झारखंड राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार की इंट्री-क्या है इनसाइड स्टोरी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं