झारखंड के धनबाद जिले के चिरकुंडा नगर परिषद में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां निर्वाचित अध्यक्ष सुनीता देवी को अपने ही कार्यालय में कुर्सी-टेबल तक नसीब नहीं हुआ. चुनाव जीतकर सत्ता हासिल करने वाली सुनीता देवी को जमीन पर दरी बिछाकर जनता की समस्याएं सुननी पड़ रही है, जबकि अधिकारी आराम से कुर्सियों पर विराजमान हैं.
जमीन पर सुनी समस्याएं
चिरकुंडा नगर परिषद चुनाव हाल ही में संपन्न हुए थे, जिसमें सुनीता देवी ने भारी मतों से जीतकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया. नगर परिषद में 30 पार्षद चुने गए हैं. सुनीता देवी ने पदभार संभालते ही अपने कक्ष में टेबल-कुर्सी लगाने का आदेश दिया, लेकिन अधिकारियों ने इसे ठेंगा दिखा दिया. सोमवार को हद पार हो गई, जब सुनीता देवी ने दरी बिछाकर जमीन पर बैठकर जनता की फरियाद सुनी और सरकारी कामकाज निपटाया.
कुर्सी नहीं मिलने पर चेयरमैन नाराज
सुनीता देवी ने NDTV से बातचीत में गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, "यहां के अधिकारियों के रवैये के कारण एक निर्वाचित अध्यक्ष को जमीन पर बैठना पड़ रहा है. जनता के वोट से चुनी गई हूं, फिर भी सम्मान नहीं मिल रहा. जब तक उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक दरी पर ही जनता का काम करूंगी. यह जनता का अपमान है." पार्षदों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब अध्यक्ष को कुर्सी न मिले और अधिकारी चेयर पर मौज लें.

चिरकुंडा नगर परिषद की एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रियंका कुमारी.
इस मामले में चिरकुंडा नगर परिषद की एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रियंका कुमारी से संपर्क करने पर उन्होंने बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि, उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा.
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