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घर में 3 लाश, बेडरूम से किचन तक खून ही खून... जमशेदपुर में ट्रिपल मर्डर की रूह कंपा देने वाली कहानी

पुलिस की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम जब घर के भीतर दाखिल हुई, तो घर का नजारा भयावह था. किचन से लेकर बेडरूम तक फर्श पर चारों ओर खून-खून बहा था. जांच के दौरान पुलिस ने सीन रीक्रिएशन भी किया, ताकि यह समझा जा सके कि आरोपी ने किस तरह एक-एक कर तीनों पर हमला किया होगा.

घर में 3 लाश, बेडरूम से किचन तक खून ही खून... जमशेदपुर में ट्रिपल मर्डर की रूह कंपा देने वाली कहानी
जमशेदपुर में ट्रिपल मर्डर की रूह कंपा देने वाली कहानी

झारखंड के जमशेदपुर के पॉश इलाके एग्रिको में हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है. क्वार्टर नंबर L4-11 के बंद कमरों के भीतर जो कुछ भी हुआ, उसकी कल्पना मात्र से लोगों की रूह कांप जा रही है. इसी साल टाटा स्टील से सेवानिवृत्त हुए रविंद्र सिंह ने जिस क्रूरता के साथ अपनी पत्नी और दो बच्चों को कुल्हाड़ी और हथौड़े से मौत के घाट उतार दिया. 

किचन से लेकर बेडरूम तक खून ही खून

सोमवार को जब एएसपी ऋषभ त्रिवेदी और सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अकरम की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम घर के भीतर दाखिल हुई, तो नजारा भयावह था. किचन से लेकर बेडरूम तक फर्श पर चारों ओर खून-खून बहा था. पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाने के लिए करीब पांच घंटे तक घटनास्थल की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान पुलिस ने सीन रीक्रिएशन भी किया, ताकि यह समझा जा सके कि आरोपी ने किस तरह एक-एक कर तीनों पर हमला किया होगा.

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नाश्ते के दौरान शुरू हुआ खूनी खेल 

पुलिस के अनुसार, सोमवार को नाश्ते के दौरान विवाद शुरू हुआ और यह विवाद इतना बढ़ा कि रविंद्र सिंह ने आपा खो दिया और घर में रखी कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी सरिता सिंह (55), बेटी सुप्रिया सिंह (31) और बेटे रविशेक कुमार (30) पर जानलेवा हमला कर दिया. इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि रविंद्र सिंह की बेटी सुप्रिया गर्भवती थी. वह अपने मायके आई हुई थी. हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. इस पर पुलिस का सवाल है कि अगर विवाद अचानक हुआ, तो कुल्हाड़ी और हथौड़ा वहां पहले से कैसे मौजूद थे?

फरवरी में टाटा स्टील से रिटायर होने के बाद रविंद्र के स्वभाव में आए बदलावों की पड़ताल हो रही है. आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य के दावों को सत्यापित करने के लिए पुलिस उसके पिछले मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन खंगाल रही है. हत्या में इस्तेमाल हथियारों पर मिले फिंगरप्रिंट्स और खून के धब्बों का मिलान आरोपी के बयानों से किया जा रहा है. हत्या के बाद आरोपी ने गैस पाइप खोलकर और पर्दों में आग लगाकर खुदकुशी का जो नाटक किया, पुलिस उसे सजा से बचने का एक ‘पैंतरा' मानकर भी देख रही है.

पुलिस के सामने बड़े सवाल

  • क्या हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी? 
  • क्या काम छूटने के बाद उपजी कुंठा और घर में रहने के तनाव ने उसे हिंसक बनाया?

पड़ोसियों और जान-पहचान वालों के लिए यह यकीन करना नामुमकिन है. उनके अनुसार रविंद्र एक शांत व्यक्ति था. परिवार बाहर से बेहद सुखी दिखता था. बेटी गुरुग्राम में और बेटा रायपुर में अच्छी नौकरी कर रहे थे. लेकिन परिजनों की मानें तो रिटायरमेंट के बाद घर के भीतर का माहौल बदल चुका था. छोटी-छोटी बातों पर होने वाली कहासुनी ने धीरे-धीरे एक भयंकर ज्वालामुखी का रूप ले लिया था. पुलिस अब इसी एंगल से जांच कर रही है कि क्या घरेलू कलह और मानसिक अकेलेपन ने रविंद्र के भीतर इतना गुस्सा भर दिया था कि उसने अपने ही हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया. आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है और पूछताछ जारी है. 

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