- अनुच्छेद 35 ए को लेकर घमासान जारी
- अब महबूबा मुफ्ती का बयान आया सामने
- उन्होंने केंद्र सरकार को चेताया
अनुच्छेद 35-ए को लेकर मचे विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) का एक विवादित बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35-ए में अगर किसी तरह का बदलाव किया गया तो राज्य के लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा की बजाय किसी और झंडे को भी थाम सकते हैं. महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट इस हफ्ते अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है. न्यायालय इस मामले में 26 फरवरी से 28 फरवरी के बीच किसी भी दिन सुनवाई कर सकता है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हाल ही में शीर्ष अदालत से विभिन्न आधारों पर याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित करने की दरख्वास्त की थी. एक आधार यह भी दिया गया था कि राज्य में कोई निर्वाचित सरकार नहीं है. शीर्ष अदालत ने याचिकाओं पर सुनवाई इस साल जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी. तब केंद्र और राज्य सरकार ने कहा था कि वहां दिसंबर तक स्थानीय निकायों के चुनाव चलेंगे.
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आपको बता दें कि भाजपा को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने कड़े बयान जारी कर अनुच्छेद 35-ए को कमजोर करने या इसमें संशोधन करने के केंद्र के किसी भी कदम का विरोध किया है. महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने पत्रकारों को बताया, ‘मैं (एनसी अध्यक्ष) उमर अब्दुल्ला के संपर्क में हूं. हमारे पास एक ऐसी रणनीति होनी चाहिए ताकि अनुच्छेद 35-ए पर कोई हमला नहीं हो और यदि हमला होता है तो मैं नहीं जानती कि कश्मीर के लोग अपने हाथों में तिरंगे के अलावा कौन सा झंडा थाम लेंगे. यदि उन्होंने ऐसा किया तो फिर हमें मत कहना कि हमने आपको (केंद्र को) चेतावनी नहीं दी थी. जम्मू-कश्मीर के लोगों को मजबूर न करें'. नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से किसी तरह का खिलवाड़ हुआ तो राज्य में इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम होंगे. आपको बता दें कि अनुच्छेद 35-ए राज्य के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार देता है. (इनपुट-भाषा से भी)
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