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कश्मीर में 37 साल बाद बारामूला के ऐतिहासिक गणेश मंदिर में गूंजा शंखनाद, खुशी से नम हुई कश्मीरी पंडितों की आंखें

Kashmir News: कश्मीर के बारामूला में 36 साल बाद ऐतिहासिक गणेश मंदिर में कश्मीरी पंडित लौटे है. मुस्लिम समुदाय के सहयोग से इस अवसर पर भव्य हवन किया गया. पढ़िए वारिस फ़याज़ की ये रिपोर्ट.

कश्मीर में 37 साल बाद बारामूला के ऐतिहासिक गणेश मंदिर में गूंजा शंखनाद,  खुशी से नम हुई कश्मीरी पंडितों की आंखें
Ganesh Temple Kachua Muqam
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Ganesh Temple Kachwa Muqam: कश्मीर घाटी से विस्थापन और आतंकवाद के काले दौर के करीब साढ़े तीन दशक बाद, बारामूला के कछुआ मुकाम में एक बार फिर इतिहास जीवंत हो उठा. गुरुवार को लगभग 36 साल बाद यहां से गए कश्मीरी पंडित  जिले के कछुआ मुकाम में बने ऐतिहासिक गणेश मंदिर वापस लौटे जिसके बाद 1989 से पहले की परंपरा फिर से शुरू हुई, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना और हवन किया गया.

टूटी 1989 से पहले की परंपरा

बारामूला शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर हर साल 29 और 30 अप्रैल को सालाना सभाओं का आयोजन करता था, लेकिन आतंकवाद के चरम दौर के बाद से यह परंपरा शुरू होने के साथ ही बंद हो गई थी, जिसे गुरुवार को दोबारा शुरू किया गया.

हवन की अग्नि और भावुक हुए कश्मीरी पंडित

गुरुवार सुबह भक्त ऐतिहासिक गणेश मंदिर में इकट्ठा हुए. इस दौरान गणेश उत्सव के अवसर पर हवन किया, जो समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण पल था. इस कार्यक्रम में स्थानीय मुस्लिम लोगों ने भी भाग लिया, जिन्होंने सभा को सुविधाजनक बनाने में मदद की.

कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों ने वापसी को भावनात्मक और प्रतीकात्मक बताया. उन्होंने कहा कि हम अपने गांव में वापस आकर खुश हैं. और कहा कि यह यात्रा भविष्य में बड़ी वापसी की उम्मीद जगाती है.

घर वापसी पर नम हुई आंखे

घर वापसी पर नम हुई आंखे
Photo Credit: NDTV

सर्दियां जाएंगी, बर्फ पिघलेगी और फिर बहार आएगी

गुरुवार सुबह मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से सराबोर था. 'गणेश उत्सव' के अवसर पर आयोजित हवन में शामिल हुए पंडित समुदाय के लोगों के लिए यह पल बेहद भावुक था. एक श्रद्धालु ने कहा कि वंड्ड च्साली शीन गली, बी ए बहार (सर्दियां जाएंगी, बर्फ पिघलेगी और फिर बहार आएगी). हम उस बहार का इंतजार कर रहे हैं जब हम अपने घरों को हमेशा के लिए वापस आ जाएंगे. उन्होंने इसे 'ट्रायल' बताते हुए कहा कि यह पूर्ण वापसी की दिशा में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है.

मुस्लिम भाइयों ने पेश की मिसाल

कम्युनिटी के लोगों ने इवेंट को शांतिपूर्वक आयोजित कराने में  स्थानीय मुस्लिम निवासियों का अटूट सहयोग रहा. बारामूला के डिप्टी कमिश्नर, सैयद फखरुद्दीन हामिद ने मंदिर के फिर से खुलने को नॉर्मल हालात का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह ज़मीन पर एकता और भाईचारे को दिखाता है और इस मौके के लिए मुस्लिम और पंडित दोनों कम्युनिटी को बधाई दी.

पर्यटन और विकास का नया केंद्र बनेगा 'कछुआ

उन्होंने कहा कि इस आयोजन को कश्मीर में बदलते और सामान्य होते हालात का बड़ा संकेत बताया. DC ने आगे कहा कि प्रशासन यहां पर एक यात्री निवास बनाने की योजना बना रहा है. मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कचुआ मुकाम को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुखता से लाने के प्रयास किए जाएंगे.

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