जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की शुरूआत की. मुख्यमंत्री ने एसकेआईसीसी से महिलाओं के लिए शून्य-टिकट यात्रा पहल की शुरुआत की. एक सरकारी प्रवक्ता ने इस फैसले को लैंगिक-समावेशी गतिशीलता की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया.
इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री सकीना इटू और सतीश शर्मा भी उपस्थित थे. अब्दुल्ला ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की आधिकारिक रूप से शुरुआत करने से पहले स्कूल के छात्राओं के लिए शून्य-टिकट यात्रा का उद्घाटन किया, जिससे युवा छात्राओं के लिए सुलभ और सुरक्षित परिवहन के प्रति केंद्र शासित प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया.
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महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा पेश किए गए बजट की एक प्रमुख घोषणा है. अब महिलाएं केंद्र शासित प्रदेश की स्मार्ट सिटी ई-बसों और जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम (जेकेआरटीसी) की बसों में मुफ्त में यात्रा कर सकेंगी.
अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि यह पहल महज एक कल्याणकारी उपाय नहीं है बल्कि महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक साहसिक कदम है.
उन्होंने कहा, ‘‘आज से जम्मू-कश्मीर की महिलाएं सभी स्मार्ट सिटी और एसआरटीसी (राज्य सड़क परिवहन निगम) बसों में मुफ्त में यात्रा करेंगी. यह केवल सामर्थ्य के बारे में नहीं है; यह पहुंच, सुरक्षा और ऐसा वातावरण बनाने के बारे में है जहां महिलाएं स्वतंत्र रूप से यात्रा करने में सशक्त महसूस करें.हमारा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को समावेशी विकास का एक मॉडल बनाना है, जहां आवागमन की बाधाओं के कारण कोई भी महिला पीछे न रहे.''
अब्दुल्ला ने यह उम्मीद जताई की इस निर्णय से महिलाओं के लिए यात्रा आसान और आरामदायक हो जाएगी.
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