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पीएम की बात मान जाइए नहीं तो बहुत नुकसान होगा, ललन सिंह ने विपक्ष से क्यों कहा ऐसा?

Lalan Singh News: ललन सिंह ने विपक्ष को महिला आरक्षण संशोधन बिल पर साथ देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष ऐसा नहीं करेगा तो उसे 20-25 साल भगुतना पड़ेगा.

पीएम की बात मान जाइए नहीं तो बहुत नुकसान होगा, ललन सिंह ने विपक्ष से क्यों कहा ऐसा?
महिला आरक्षण संशोधन बिल पर लोकसभा में ललन सिंह
  • जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने विपक्ष से कहा है कि वो महिला आरक्षण बिल का समर्थन करें
  • केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष ऐसा नहीं करेगा तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा
  • ललन सिंह ने साथ ही विपक्ष को लालू यादव का उदाहरण देकर समझाया भी
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नई दिल्ली:

जेडीयू के नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आज महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष को बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने विपक्षियों से बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की याद दिलाते हुए कहा कि अगर विपक्ष ऐसा करेगा तो उसे भी लालू यादव जैसा खामियाजा भुगतना होगा. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने भाषण में विपक्ष को सचेत भी किया है लेकिन अगर आप फिर भी नहीं मानते हैं तो अलग बात है. 

विपक्ष को भुगतना पड़ेगा खामियाजा 

बिहार के मुंगेर से सांसद ललन सिंह ने कहा कि पीएम के सचेत करने के बाद भी अगर विपक्ष इसका विरोध कर रहा है तो इसका खामियाजा उसको बरसों तक भुगतना पड़ेगा. गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में अपने भाषण के दौरान विपक्ष से महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर साथ देने की अपील की थी. पीएम ने कहा था कि अगर विपक्ष ऐसा नहीं करेगा तो उसका सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. ललन सिंह ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि विपक्ष को बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट देखना चाहिए. 

बिहार का दिया उदाहरण 

ललन सिंह ने कहा कि मैं विपक्ष को उदाहरण देकर बताना चाहता हूं कि पंचायत में 33 प्रतिशत का आरक्षण लागू था. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने और 2006 में उन्होंने कहा कि हम 33 फीसदी आरक्षण को नहीं मानते हैं. नीतीश ने कहा कि महिलाओं की आबादी 50 प्रतिशत है तो हम पंचायती राज व्यवस्था और नगर निकाय में उन्हें आरक्षण देंगे. ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें न केवल निकायों में आरक्षण दिया बल्कि जो एकल पद होता है, जैसे जिला परिषद अध्यक्ष, सरपंच उसमें भी आरक्षण दिया. 

'लालू का क्या हाल हो गया'

ललन सिंह ने कहा कि उस वक्त लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार के इस फैसले के खिलाफ थे. लालू यादव ने नीतीश के फॉर्मूले का विरोध किया और आज तक उनको खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. आज तक बिहार के एनडीए के साथ वहां की महिलाएं शत-प्रतिशत साथ खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि आप इस बार के विधानसभा चुनाव का वोट निकालकर देख लीजिए. समझ जाएंगे. 

अखिलेश को भी समझाया

ललन सिंह ने अखिलेश यादव को अपना मित्र बताते हुए कहा कि आप इंडिया गठबंधन के साथियों के चक्कर में मत पड़िए. उन्होंने कहा कि अखिलेश जी हम आपको कहेंगे, आप मेरे मित्र हैं. उनसे (इंडिया गठबंधन) से सचेत रहिए. उनके चक्कर में मत पड़िए. उनके चक्कर में पड़कर कई गायब हो चुके हैं. इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव का रिजल्ट देखिए, 84 ऐसी सीट है जिसमें पुरुषों से 10 प्रतिशत ज्यादा महिलाओं का वोट पड़ा है और वो एनडीए के पक्ष में पड़ा है. 

महिलाओं को दीजिए मौका 

ललन सिंह ने कहा कि 2023 से मातृत्व शक्ति इंतजार कर रही हैं. मुझे कब मौका मिलेगा. जब पीएम ने उनको मौका दिया तो आप विरोध में खड़े हो गए. आज पीएम नरेंद्र मोदी ने इस सदन में जो बिल लाया है वो उसी भावना के अनुरूप है. उन्होंने इस संविधान संशोधन विधेयक को लाया है. इसलिए हम विपक्ष से अपील करेंगे हठधर्मिता छोड़ दीजिए. रास्ता मत खोजिए, इधर-उधर बाएं दाएं जाने का रास्ता मत खोजिए, अगर आपने विरोध किया तो प्रधानमंत्री ने जो कहा है सच कहा है अगले 20-25 बरसों तक आपको उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा जैसे लालू प्रसाद 2005 से 2026 तक खामियाजा भुगत रहे हैं. 
 

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