- ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनके पति समर्थ सिंह और उनकी मां पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप है
- समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के कानूनी सलाहकार के रूप में भी काम किया है
- समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत भोपाल की अदालत ने खारिज कर दी है और वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं
Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. सात पहले ही ट्विशा की शादी भोपाल के समर्थ सिंह से हुई थी, जो क्रिमिलन वकील है. घरवालों ने ट्विशा की मौत के लिए समर्थ और उनकी मां को जिम्मेदार ठहराया है. समर्थ अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
ट्विशा शर्मा की हत्या के आरोपी उसके पति समर्थ सिंह लिंक्डइन परखुद को एक वकील, कानूनी सलाहकार और भारत के सबसे प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों में से एक बेंगलुरु नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट बताता है. समर्थ की प्रोफाइल में उसे भोपाल, जबलपुर और इंदौर की निचली और अपीलीय अदालतों में काम करने वाले वकील के रूप में दिखाया गया है, जिन्हें सर्विस लॉ, क्रिमिनल डिफेंस और कंज्यूमर प्रोटेक्शन में एक्सपर्ट बताया है. लेकिन अब समर्थ खुद पुलिस से छिपता फिर रहा है. समर्थ की अग्रिम जमानत को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

सिर्फ 5 महीने पहले हुई थी समर्थ और ट्विशा की शादी
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में चल रही आपराधिक जांच ने समर्थ की इमेज को को धूमिल कर दिया है. ट्विशा शर्मा 12 मई, 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फांसी पर लटकी हुई पाई गईं. ट्विशा और समर्थ की शादी के महज पांच महीने पहले हुई थी. समर्थ सिंह और उनकी मां रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न और ट्विशा की हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व कानूनी सलाहकार!
समर्थ की प्रोफाइल के अनुसार, वे सितंबर 2018 से स्वतंत्र रूप से वकालत कर रहे हैं और उन्हें लगभग आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व कानूनी सलाहकार के रूप में भी लिस्ट किया है. इस रोल उन्होंने जून 2023 से अगस्त 2025 तक निभाई थी. उनकी शैक्षणिक योग्यता में एनएलएसआईयू बैंगलोर से बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) और इरास्मस मुंडस के तहत गेन्ट विश्वविद्यालय में एक एक्सचेंज प्रोग्राम शामिल है. उन्हें मध्य प्रदेश बार काउंसिल द्वारा सितंबर 2018 में वकालत का लाइसेंस जारी किया गया था.

समर्थ लॉ बैकग्राउंड इस मामले को और संवेदनशील बनाती है. समर्थ कोई साधारण आरोपी नहीं हैं, जो व्यवस्था से अपरिचित हों. वह एक अनुभवी वकील हैं, जिन्होंने अपने दिये विवरण के अनुसार, आपराधिक मामलों में बचाव किया है और राज्य सरकार को प्रशासनिक कानून, जनहित याचिका और संवैधानिक कानून में सलाह दी है. उनकी मां के सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी होने से जांच को लेकर जनता की नजरें और भी तेज हो गई हैं.
ट्विशा के दूसरे पोस्टमार्टम की मांग
नोएडा की रहने वाली पूर्व मिस पुणे, एक्ट्रेस, मॉडल और कॉर्पोरेट जगत की पेशेवर ट्विशा शर्मा ने दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से शादी की थी. शादी से पहले दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उन्हें मानसिक उत्पीड़न, दबाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसमें दूसरा पोस्टमार्टम और जांच को मध्य प्रदेश से बाहर ट्रांसफर करना शामिल है.
भोपाल की एक अदालत ने 18 मई, 2026 को समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया, जबकि उनकी मां गिरिबाला सिंह को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी थी. पुलिस ने समर्थ सिंह के बारे में जानकारी देने वाले को 10,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया है, जो कथित तौर पर घटना के बाद से लापता हैं. इस बीच, बचाव पक्ष ने दहेज के आरोपों से इनकार किया है और ट्विशा के निजी जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और नशा करने को लेकर कई दावे किये हैं.
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