कौन हैं सलमान चिश्ती? जो नूपुर शर्मा पर भड़काऊ बयान देकर विवादों के घेरे में आ गए

अजमेर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार सलमान चिश्ती अजमेर दरगाह का खादिम है. हालांकि वह पहले भी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है.

नई दिल्ली:

इन दिनों अजमेर के खादिम सलमान चिश्ती के बयान को लेकर खूब विवाद हो रहा है. दरअसल, उन्होंने नूपुर शर्मा को लेकर एक भड़काऊ बयान दिया था. खादिम सलमान चिश्ती ने निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा का सिर काटने वाले को कैमरे के सामने अपना घर कथित तौर पर देने का ऐलान किया था. चिश्ती के इस बयान के बाद ही राजस्थान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. आइये जानते हैं आखिर नूपुर शर्मा को लेकर भड़काऊ बयान देने वाले सलमान चिश्ती हैं कौन? अजमेर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार सलमान चिश्ती अजमेर दरगाह का खादिम है. हालांकि वह पहले भी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सलमान चिश्ती पर पहले से ही 13 मामले दर्ज हैं. इन मामलों में खास तौर पर हत्या और हत्या की कोशिश करने के मामले शामिल हैं. पुलिस के अनुसार सलमान चिश्ती दरगाह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है. 

अजमेर दरगाह का खादिम गिरफ्तार, BJP की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को लेकर दिया था भड़काऊ बयान

बता दें कि सलमान चिश्ती के एक वीडियो क्लिप को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही राजस्थान पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. चिश्ती के खिलाफ सोमवार रात को मामला दर्ज हुआ था.एक वीडियो जिसकी प्रामाणिकता एनडीटीवी सत्यापित नहीं करता, उसमें खादिम को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो कोई भी नूपुर शर्मा का सिर उसके पास लाएगा, वह अपना घर उसे दे देगा. उसे यह कहते हुए सुना गया कि उसने पैगंबर का अपमान करने के लिए उसे (शर्मा को) गोली मार दी होती.

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सूफी दरगाह का जिक्र करते हुए उसने वीडियो में कहा, 'आपको सभी मुस्लिम देशों को जवाब देना होगा. यह मैं राजस्थान के अजमेर से कह रहा हूं और यह संदेश हुजूर ख्वाजा बाबा के दरबार का है.' न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि दरगाह पुलिस थाने के एसएचओ दलवीर सिंह फौजदार ने कहा कि आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि है. अजमेर दरगाह के दीवान के ज़ैनुल आबेदीन अली खान ने वीडियो की निंदा की और कहा कि प्रसिद्ध दरगाह को सांप्रदायिक सद्भाव के स्थान के रूप में देखा जाता है. वीडियो में 'खादीम' द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को दरगाह का संदेश नहीं माना जा सकता है. इसमें कहा गया है कि यह टिप्पणी व्यक्तिगत  बयान है और बेहद निंदनीय है.