- शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर भाजपा की पहली सरकार बनाई है
- अग्निमित्रा पॉल सहित पांच विधायकों ने शुभेंदु अधिकारी के साथ कैबिनेट में शपथ ग्रहण की है
- अग्निमित्रा पॉल के खिलाफ 23 आपराधिक मामले हैं, लेकिन वे राजनीति से प्रेरित होने का दावा करती हैं
भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. ये ऐसा महत्वपूर्ण क्षण रहा, जिसने भगवा राजनीति के प्रति दशकों के प्रतिरोध के बाद राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया और इसी के साथ राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनी. शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच विधायकों ने और शपथग्रहण की. इसमें जिसमें बीजेपी की फायरब्रांड नेता अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) भी शामिल हैं. फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल को शुभेंदु सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकता है.
कौन हैं अग्निमित्रा पॉल? (Who is Agnimitra Paul)
अग्निमित्रा पॉल, बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी के जैसी फायरब्रांड नेता हैं. वह विपक्षी नेताओं पर जमकर बरसती हैं. फैशन डिजाइनर रहीं 51 वर्षीय नेता ने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर शानदार जीत दर्ज करते हुए ऑल तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तापस बनर्जी को 40,839 मतों के बड़े अंतर से हराया. इस बड़ी जीत का अब उन्हें फल मिला है. उन्हें शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में जगह मिली है. अग्निमित्रा पॉल के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा और हिंसक प्रदर्शन जैसे आरोपों से जुड़े 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हालांकि, अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है. अग्निमित्रा पॉल कहती हैं कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले राजनीति से प्रेरित हैं.

अग्निमित्रा पॉल का राजनीति सफर (Agnimitra Paul Political Journey)
अग्निमित्रा पॉल ने 2019 में राजनीति की फील्ड में कदम रखा था. वह साल 2021 में आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीती थीं, तब इन्होंने टीएमसी की बड़ी नेता सायन घोष को हराया था. 2022 में उन्होंने आसनसोल से लोकसभा का उपचुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2024 के लोकसभा चुनाव में वह मेदिनीपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ रही थी, लेकिन टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा से हार गई थीं. हालांकि, इन चुनावों में हार से अग्निमित्रा पॉल टूटी नहीं. अब उन्हें आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से जीत हासिल हुई है. वह 2019 में भाजपा में शामिल हुई थी. इसके बाद उन्होंने तेजी से पार्टी में अपना कद बड़ा किया. पहले वह महिला मोर्चा की प्रमुख बनीं, उसके बाद उन्हें 2026 में भाजपा ने बंगाल राज्य का उपाध्यक्ष बनाया.

बंगाल में मुख्यमंत्री के अलावा 5 मंत्री
- शुभेंदु अधिकारी (ब्राह्मण)
- दिलीप घोष (ओबीसी)
- अग्निमित्रा पॉल महिला (कायस्थ)
- अशोक कीर्तनिया (मतुआ समुदाय)
- निसिथ प्रमाणिक (राजबंशी)
- खुदीराम टुडू (आदिवासी)
फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा, MBA, फिर राजनीति में कदम
अग्निमित्रा पॉल पढ़ने में बहुत तेज रही हैं. उन्होंने लोरेटो कॉन्वेंट एंड आसनसोल गर्ल्स कॉलेज से पढ़ाई की. इसके बाद अग्निमित्रा पॉल ने बनवारीलाल भालोटिया कॉलेज से वनस्पति विज्ञान (ऑनर्स) में बीएससी की डिग्री हासिल की. लेकिन फिर फैशन डिजाइनिंग की फील्ड में नाम कमाने के लिए उन्होंने विज्ञान की डिग्री पूरी करने के बाद बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंसेज से फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा हासिल किया. अग्निमित्रा पॉल ने एमबीए की डिग्री भी ली है. अब बंगाल की मंत्री बनने के बाद उनकी कई फील्ड में विशेषज्ञता राज्य के काम आएगी.
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