विज्ञापन

होटल में ग्राहक घटे, टैक्‍सीवालों की भी कमाई हुई कम... आखिर कब खुलेगी गुलमर्ग गंडोला राइड?

कश्‍मीर की गंडोला राइड पिछले 25 मई से बंद है, तब एक तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके चलते गंडोला की सेवाएं अचानक रुक गईं. गंडोला चलाने वाली कंपनी ने अभी तक इसके फिर शुरू होने की तारीख नहीं बताई है.

होटल में ग्राहक घटे, टैक्‍सीवालों की भी कमाई हुई कम... आखिर कब खुलेगी गुलमर्ग गंडोला राइड?
कश्मीर की धड़कन थमी: अनिश्चितकाल के लिए बंद हुआ गुलमर्ग गंडोला
कश्‍मीर:

कश्मीर घूमने आने वाले ज्यादातर पर्यटकों की सूची में गुलमर्ग गंडोला जरूर शामिल होता है. बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच चलने वाली यह केबल कार कश्मीर की पहचान बन चुकी है. लेकिन फिलहाल यह सेवा बंद है. जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉर्पोरेशन ने गुलमर्ग गंडोला को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला किया है. यानी अभी यह साफ नहीं है कि सेवा दोबारा कब शुरू होगी. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच और मेंटेनेंस का काम अभी जारी है. इसलिए पर्यटकों को फिलहाल इंतजार करना होगा.

गंडोला 25 मई से है बंद

गंडोला राइड पिछले 25 मई से बंद है. उस दिन एक तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके चलते गंडोला की सेवाएं अचानक रुक गईं. उस समय 300 से ज्यादा पर्यटक हवा में लटके केबिनों में फंस गए थे. हालात ऐसे बन गए कि बड़ा रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाना पड़ा. कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

Latest and Breaking News on NDTV

घटना के बाद हो रही पूरे सिस्टम की जांच

इंजीनियरों की टीम लगातार गंडोला की तकनीकी परीक्षण कर रही है. मशीनों की जांच हो रही है. सुरक्षा मानकों को परखा जा रहा है. हर हिस्से की बारीकी से समीक्षा की जा रही है. कॉर्पोरेशन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसलिए बिना पूरी जांच के सेवा शुरू नहीं की जाएगी. इस बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है. सरकार ने एक जांच समिति का गठन किया है. इस समिति को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है कि आखिर खराबी कैसे आई और इसके पीछे क्या वजह थी. समिति घटना से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच करेगी. तकनीकी रिपोर्ट देखेगी. ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी का अध्ययन करेगी. साथ ही यह भी पता लगाएगी कि कहीं किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई.

गंडोला सिर्फ एक पर्यटन आकर्षण नहीं

गंडोला की तकनीकी जांच का दायरा भी काफी बड़ा रखा गया है. इसमें मैकेनिकल सिस्टम, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ब्रेकिंग सिस्टम, कंट्रोल सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की जांच शामिल है. गुलमर्ग गंडोला सिर्फ एक पर्यटन आकर्षण नहीं है. स्थानीय लोगों के लिए यह रोज़गार का बड़ा जरिया भी है. पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि गंडोला के आसपास पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था चलती है. हजारों लोग सीधे या परोक्ष रूप से इस पर निर्भर हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

सरकारी आंकड़े बता रहे गंडोला की अहमियत

वित्त वर्ष 2023-24 में पहली बार 10 लाख से ज्यादा पर्यटकों ने गंडोला की सवारी की थी. इसी दौरान इससे 110 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हुई थी. इससे पहले 2022-23 में भी गंडोला ने 112 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व दिया था. यानी केवल दो वर्षों में इस परियोजना से 220 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई. आंकड़ों के मुताबिक सामान्य दिनों में करीब 3,000 पर्यटक रोज़ गंडोला का इस्तेमाल करते हैं. इससे प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपये की कमाई होती है. ऐसे में 15 दिनों से सेवा बंद रहने का असर साफ दिखाई देने लगा है. अनुमान है कि केवल टिकटों की बिक्री से ही करीब 4.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

नुकसान सिर्फ गंडोला को नहीं...

गंडोला के बंद होने से कई दूसरे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. होटल कारोबार प्रभावित है. रेस्तरां में ग्राहकों की संख्या घटी है. टैक्सी चालकों की कमाई कम हुई है. एटीवी राइड और स्की उपकरण किराये पर देने वाले कारोबारियों पर भी असर पड़ा है. पर्यटन विभाग के अनुसार 2025 में 11 लाख से ज्यादा पर्यटक गुलमर्ग पहुंचे थे. यह दिखाता है कि गुलमर्ग आज भी कश्मीर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है. इसी वजह से गंडोला का बंद होना सिर्फ एक तकनीकी मामला नहीं माना जा रहा. इसका असर पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों पर पड़ रहा है. अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और गंडोला के दोबारा शुरू होने की तारीख पर टिकी है.

ये भी पढ़ें :- LOC हो या LAC, तुरंत पहुंचेगी सेना, श्रीनगर-लद्दाख आएंगे करीब...'जोजिला टनल' ऐसे बनेगी कश्मीर में गेमचेंजर

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gulmarg Gondola, Kashmir
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com