विज्ञापन

बंगाल चुनाव 2026: TMC से वोट सिर्फ 4% का ज्यादा लेकिन बीजेपी सीटों में 123 की बढ़त कैसे बना पाई?

West Bengal Results 2026:15 साल की सत्ता का अंत और ममता का एकमात्र गढ़ जिसके बलबूते वो केंद्र की राजनीति में आने का सपना देख रही थीं. इस बार बीजेपी को 2021 की तुलना में 123 सीटें ज्यादा आई हैं पर वोट प्रतिशत मात्र 4 फीसदी ही बढ़ा है.

बंगाल चुनाव 2026: TMC से वोट सिर्फ 4% का ज्यादा लेकिन बीजेपी सीटों में 123 की बढ़त कैसे बना पाई?
west bengal election results 2026 vote share
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 45.84 प्रतिशत वोट शेयर मिला, TMC को 40.80 प्रतिशत मिला
  • 2021 के मुकाबले भाजपा को वोट प्रतिशत में चार प्रतिशत का मामूली इजाफा हुआ लेकिन सीटों में 123 का बड़ा बढ़ोतरी
  • TMC का वोट शेयर 8 प्रतिशत घटा और उसकी सीटें 215 से घटकर 81 हो गईं, भाजपा की सीटें 77 से बढ़कर 206
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल जहां लोग वोट देने के बाद बात करने से कतरा रहे थे. एग्जिट पोल में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी तो थी पर चीजें अनप्रेडिक्टबल सी लग रही थीं. लगा ममता दीदी चौथी बार बंगाल की कुर्सी पर विराजमान हो जाएंगी पर इस बार एग्जिट पोल सही साबित हुए और बीजेपी ने वो कर दिया जो कभी टीएमसी ने लेफ्ट का किया था. 15 साल की सत्ता का अंत और ममता का एकमात्र गढ़ जिसके बलबूते वो केंद्र की राजनीति में आने का सपना देख रही थीं. इस बार बीजेपी को 2021 की तुलना में 123 सीटें ज्यादा आई हैं पर वोट प्रतिशत मात्र 4 फीसदी ही बढ़ा है. इसे समझने के लिए आपको 2021 में मिले वोट शेयर पर भी ध्यान देना होगा जहां बीजेपी को टीएमसी की तुलना में 8 फीसदी से ज्यादा वोट मिले, अब आइए समझते हैं पूरी कहानी 

2026 के चुनाव में वोट प्रतिशत का हाल

पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी को 45.84 फीसदी वोट प्रतिशत मिले तो तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर 40.80 प्रतिशत था, कांग्रेस का 2.97 प्रतिशत तो लेफ्ट 4.50 प्रतिशत रहा. नीचे देखिए ग्राफ 

Latest and Breaking News on NDTV

अब इसकी 2021 के चुनाव से तुलना करते हैं. टीएमसी का तब 48.02 फीसदी वोट शेयर था, सीटें मिली थीं 215, भाजपा को तब 38.15% वोट शेयर मिला था और सीटें आई थीं 77. 2021 और 2026 की तुलना करें तो नतीजे ने टीएमसी का 8 फीसदी का नुकसान करा दिया है तो भाजपा को 8 फीसदी का फायदा पहुंचा है. इस 8 फीसदी ने भाजपा को 123 सीटों का फायदा करा दिया और पार्टी 206 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल कर गई. टीएमसी 215 सीटों से घटकर 81 सीटों पर आ गई. 

टीएमसी के वो गढ़ जहां बीजेपी जीत गई

इस बार बीजेपी ने वहां वहां भी सेंध लगाई जिन्हें तृणमूल कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था. उनमें एक तो भवानीपुर ही था जहां सारी राउंड की काउंटिंग के बाद सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15 हजार के बड़े मार्जिन से हरा दिया.नंदीग्राम में भी सुवेंदु ने टीएमसी के पबित्र कर को लगभग 10 हजार वोटों के अंतर से मात दी. अब ये देखिए कि 119 सीटें ऐसी थीं जहां ममता बनर्जी की टीएमसी बीते 15 साल से जीत रही थी, वहां भी बीजेपी ने 80 फीसदी सीटें अपने पक्ष में कर लीं. 162 सीटें ऐसी थी जहां टीएमसी 10 साल से जीत रही थी, वहां भाजपा ने 50 फीसदी सीटों पर भगवा लहरा दिया. टीएमसी ने पिछली बार कोलकाता,हावड़ा समेत प्रेसीडेंसी कही जाने वालीं 108 सीटों पर कब्जा किया था,बीजेपी ने अबकी बार वहां 55 फीसदी से ज्यादा सीटें जीती हैं. मुस्लिम बहुल वाली 141 सीटों पर बीजेपी ने 45 फीसदी सीटें जीती हैं. 

यह भी पढ़ें- भाजपा की सुनामी में कैसे उड़ गया भवानीपुर का 'सेफ किला'? आखिर अपनी सीट भी क्यों नहीं बचा पाईं सीएम ममता? हार के 5 बड़े कारण

SIR का डर भी काम न आया 

टीएमसी के लिए इस बार बंगाल की सत्ता की राह आसान नहीं थी. SIR को ढाल बनाकर चुनाव आयोग और बीजेपी का डर दिखाकर सत्ता हासिल करने की उसकी मनोकामना पूरी नहीं हो पाई. सड़क से संसद तक ममता दीदी ने लड़ाई लड़ी पर सफलता नहीं मिली. मामला कोर्ट पहुंचा पर फिर भी बात नहीं बनी. 90 लाख से ज्यादा वोट कटने के बाद भी लोगों की सहानुभूति ममता के साथ नहीं रही. 2021 के विधानसभा चुनावों में,तब सात करोड़ 30 लाख 40 हजार रजिस्टर्ड वोटर थे और कोविड के दौर में भी 82.3 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस बार के चुनाव में मतदान का प्रतिशत इससे भी ज्यादा था और कुल वोटिंग लगभग 92 प्रतिशत हुई थी. 

यह भी पढ़ें- रत्ना, संदेशखाली की रेखा, कालिता... बीजेपी के टिकट पर बंगाल चुनाव जीतने वाली इन महिलाओं की कहानी जरूर जानें
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com