- चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार है और साथ काम करेगी
- तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि कांग्रेस से औपचारिक प्रस्ताव आने पर ही पार्टी इस पर विचार करेगी
- तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी संकट के कारण बागी विधायकों ने भाजपा के समर्थन में अलग राजनीतिक रास्ता अपना लिया है
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से बृहस्पतिवार को अपील की कि वह अपनी पार्टी के बचे हुए विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में वापस आ जाएं. चौधरी ने साथ ही कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में उनका नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार है. चौधरी ने यह अपील ऐसे समय में की है जब तृणमूल कांग्रेस अपने गठन के बाद से सबसे गहरे संगठनात्मक संकट से जूझ रही है और 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उसके कई विधायकों तथा सांसदों ने बगावत कर दी है.
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने तृणमूल में बगावत का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘इस समय किसी अलग इकाई की कोई जरूरत नहीं है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के पास ज़्यादा कुछ नहीं बचा है.''
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
कांग्रेस में लौटने का खुला न्योता
चौधरी ने कहा, ‘‘हम ममता बनर्जी से आग्रह करेंगे कि वह बाकी बचे विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाएं. हम बंगाल में उनका नेतृत्व स्वीकार करेंगे और उनके साथ मिलकर काम करेंगे.'' उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि उन्होंने (बनर्जी ने) कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया' गठबंधन का सहारा लिया है, इसलिए उन्हें पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए. बंगाल में हम कांग्रेस में आपके नेतृत्व में काम करेंगे.'' लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता ने बनर्जी से कहा कि उन्हें ‘‘अपना बोझ पीछे छोड़कर'' कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए. चौधरी की यह बात बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के स्पष्ट संदर्भ में थी.
तृणमूल ने क्या कहा?
हालांकि, तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा कि पार्टी ऐसे प्रस्ताव पर तभी विचार करेगी, जब वह कांग्रेस नेतृत्व की ओर से औपचारिक रूप से आएगा. रॉय ने कहा, ‘‘उन्होंने (चौधरी) ने वही कहा जो उन्हें लगा. हमें इस पर कुछ नहीं कहना है. तृणमूल अब एक अलग पार्टी है. अगर कांग्रेस कोई आधिकारिक प्रस्ताव लाना चाहती है, तो हम पार्टी में इस मामले पर चर्चा करेंगे. तृणमूल ‘इंडिया' गठबंधन का अहम हिस्सा है.''
चौधरी की ‘‘बोझ'' वाली टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर रॉय ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के बिना पार्टी के बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया जा सकता. रॉय ने कहा, ‘‘वह (अभिषेक बनर्जी) हमारे नेता और राष्ट्रीय महासचिव हैं.''
बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं
चौधरी की बातों को खारिज करते हुए भी उन्होंने बातचीत की संभावना के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव आता है तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है. तृणमूल कांग्रेस का अंदरूनी संकट विधानसभा और संसद में भी अलग रूप ले चुका है.
बागी विधायकों ने खुद को राज्य की भाजपा सरकार के सामने असली विधायी विपक्ष के तौर पर पेश करने की कोशिश की है. वहीं, बागी सांसदों के गुट ने अलग राजनीतिक रास्ता चुना है और वे नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए हैं तथा उन्होंने केंद्र में भाजपा नीत राजग को समर्थन दिया है.
भाजपा ने भी साधा निशाना
इस बीच, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि तृणमूल के पास अब ‘‘कोई और मकसद नहीं बचा है'' क्योंकि उसका राजनीतिक सफर खत्म हो चुका है.सरकार ने कहा, ‘‘तृणमूल का जन्म माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) से लड़ने के लिए कांग्रेस से अलग होकर हुआ था. तृणमूल इसी मुद्दे पर सत्ता में आई थी. अब जब तृणमूल खुद सत्ता से बाहर है, तो उसके पास कोई और मकसद नहीं बचा है.'' उन्होंने कहा, ‘‘वे कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं, यह उन (तृणमूल) पर निर्भर है. हम कांग्रेस, तृणमूल और माकपा से लड़ने के लिए तैयार हैं.''
यह भी पढ़ें- इंडिया ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी की कुर्सी थी गायब, मच गई भगदड़- VIDEO
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं