- पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने मतदाताओं को भयमुक्त और हिंसा रहित चुनाव का आश्वासन दिया है
- मतदान केंद्रों पर AI-सक्षम सीसीटीवी कैमरों से रियल-टाइम निगरानी कर चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी
- धारा 58A के तहत बूथ कैप्चरिंग या गड़बड़ी पाए जाने पर मतदान रद्द कर नए चुनाव कराने का विकल्प अपनाया जाएगा
पश्चिम बंगाल में चुनाव लंबे समय से हिंसा, डराने‑धमकाने और गड़बड़ियों की छाया में रहे हैं, लेकिन इस बार चुनाव आयोग बेहद सख्त नजर आ रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा है कि मतदाताओं को पूरी तरह भयमुक्त माहौल दिया जाएगा. उनके मुताबिक, इस बार चुनाव हिंसा, धमकी, फर्जी मतदान, बूथ कैप्चरिंग या किसी भी तरह की अनियमितता से मुक्त होंगे. परदे के पीछे चुनाव आयोग ने कड़े कदम उठाने की तैयारी कर ली है. सभी पोलिंग अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी. आयोग ने साफ संदेश दिया है कि लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी.
ये भी पढ़ें : 'SIR के बाद वोटर लिस्ट से चुनिंदा समुदायों के नाम हटाए गए'- ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
AI निगरानी, रीपोल और धारा 58A का सख्त इस्तेमाल
चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए मतदान केंद्रों पर AI‑सक्षम सीसीटीवी कैमरों से रियल‑टाइम निगरानी की जाएगी. आयोग के सूत्रों के अनुसार, यदि कैमरे बंद पाए जाते हैं या किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि रिकॉर्ड होती है, तो उस पोलिंग बूथ पर तुरंत पुनर्मतदान (रीपोल) का आदेश दिया जा सकता है. इसके जरिए मतदान की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. चुनाव आयोग जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 58A लागू करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है. इसके तहत बूथ कैप्चरिंग या गंभीर गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित मतदान को रद्द किया जा सकता है. अगर रिटर्निंग अधिकारी की रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो न केवल मतदान अमान्य घोषित किया जा सकता है, बल्कि नए सिरे से चुनाव कराने का विकल्प भी अपनाया जाएगा.
ये भी पढ़ें ; West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल की वोटर्स लिस्ट से 91 लाख नाम बाहर, चुनाव आयोग ने जिलेवार जारी की लिस्ट
अभूतपूर्व सुरक्षा, बड़े अफसर बदले, CAPF की भारी तैनाती
सूत्रों के मुताबिक, यदि रीपोल के दौरान भी गड़बड़ियां जारी रहीं, तो पूरे निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव काउंटरमांड किया जा सकता है. इस बार सुरक्षा व्यवस्था भी अभूतपूर्व बताई जा रही है. आयोग ने प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं, जिनमें मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह सचिव, कोलकाता पुलिस आयुक्त और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले शामिल हैं. पूरे राज्य में करीब 2400 सीएपीएफ कंपनियों की तैनाती की गई है, जो हाल के वर्षों में चुनाव के दौरान सबसे बड़े सुरक्षा अभियानों में से एक मानी जा रही है. आयोग ने साफ संकेत दिए हैं कि पश्चिम बंगाल के साथ‑साथ असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भी किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मतदान स्थगित करने जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं