- योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 7 लोककल्याण मार्ग पर करीब सवा घंटे तक मुलाकात की।
- राज्यसभा और विधान परिषद के आगामी चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई होने की संभावना है।
- 10 सीटों में से आठ भाजपा के वर्तमान सांसदों के पास हैं, जिनमें से कुछ के स्थान पर नए लोगों को मौका मिल सकता है
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं की 7 लोककल्याण मार्ग पर यह मीटिंग करीब सवा घंटे तक चली. इस मुलाकात में क्या बात हुई, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं गया है. लेकिन यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है, जब राज्यसभा चुनाव की 10 सीटों पर यूपी में चुनाव होना है. इसके अलावा विधान परिषद की भी 11 सीटों पर चुनाव होने वाला है. विधायकों की संख्या के अनुसार भाजपा 8 राज्यसभा सांसद भेज सकती है और इतने ही विधान परिषद सदस्य भी जिताने की ताकत रखती है. ऐसे में चर्चा है कि शायद पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की मीटिंग में उम्मीदवारों के नाम पर भी मंथन हुआ होगा.
यूपी की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें अब भी 8 सांसद भाजपा के ही थे. इन सांसदों में हरदीप सिंह पुरी, डॉ. दिनेश शर्मा, अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य शामिल हैं. माना जा रहा है कि हरदीप सिंह पुरी को फिर से चांस मिलना तय है. इसे अलावा डॉ. दिनेश शर्मा अब राज्यपाल बनाए जा चुके हैं. इसलिए उनकी जगह किसी और को मौका मिलेगा. हालांकि भाजपा की नीति-रीति को देखते हुए किसी का भी नाम तय नहीं कहा जा सकता. फिलहाल चर्चा है कि महासचिव बने हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी को यूपी से राज्यसभा भेजा जा सकता है.
क्या स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी भेजे जाएंगे राज्यसभा
इसके अलावा चुनाव में भी इनकी सक्रियता बढ़ाई जा सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि स्मृति ईरानी एक वाकपटु नेता हैं और सीधे राहुल गांधी पर तीखे हमले बोलने के लिए चर्चित रही हैं. अभी कुछ तय नहीं है, लेकिन चर्चा है कि 8 में से करीब 4 सीटों पर नए कैंडिडेट मौका पा सकते हैं. इसके अलावा विधान परिषद को लेकर भी संभव है कि चर्चा हुई हो. ऐसा इसलिए क्योंकि यूपी में कुछ महीने बाद ही चुनाव होने हैं. ऐसे में भाजपा नहीं चाहेगी कि विधान परिषद और राज्यसभा में 16 नेताओं को भेजने का मौका यूं ही खो दिया जाए. भाजपा चाहेगी कि जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए इन सीटों को भरा जाए.
16 अक्टूबर को राज्यसभा और 23 को विधान परिषद का मतदान
बता दें कि यूपी की राज्यसभा सीटों पर 16 अक्तूबर को मतदान होना है और उसी दिन रिजल्ट आ जाएगा. इसके अलावा विधान परिषद की सीटों पर 23 अक्तूबर को वोटिंग होनी है. विधायकों की संख्या के आधार पर तय माना जा रहा है कि उच्च सदन में बसपा का प्रतिनिधित्व शून्य रह जाएगा. इसके अलावा 8 सीटों पर जीत तय मान रही भाजपा एक और सीट पर कैंडिडेट उतार सकती है.
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