- तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय थलापति की सरकार गठन की स्थिति बहुमत आंकड़ों पर अटकी हुई है.
- टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का बहुमत आवश्यक है.
- सीपीआई महासचिव डी राजा ने विजय को बहुमत साबित करने के लिए समय देने की मांग की है.
तमिलनाडु में ‘विजय सरकार' के शपथ ग्रहण को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. मामला बहुमत के आंकड़ों पर अटक गया है. टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात जरूर की, लेकिन वह उन्हें अपने पक्ष में बहुमत को लेकर संतुष्ट करने में सफल नहीं हो सके. इसी बीच टीवीके को समर्थन देने के सवाल पर सीपीआई महासचिव डी राजा का बयान सामने आया है.
सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि भले ही स्पष्ट जनादेश नहीं मिला हो, लेकिन सबसे बड़ा जनादेश विजय को मिला है. उन्हें एक अवसर दिया जाना चाहिए, एक मौका दिया जाना चाहिए. उन्हें सदन में जाकर अपना बहुमत साबित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए.
डी राजा ने कहा कि राज्यपाल ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? यही हमारा सवाल है. राज्यपाल को समझना चाहिए कि हम एक लोकतांत्रिक देश हैं, संसदीय लोकतंत्र. सरकार को, राज्यपाल को, भाजपा या आरएसएस के प्रतिनिधि के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए. यही हमारा रुख है.
टीवीके को समर्थन देने पर सीपीआई का रुख
सीपीआई महासचिव ने कहा कि कांग्रेस ने इस बारे में हमसे बात नहीं की है और यह उनका एकतरफा फैसला है. लेकिन राज्य स्तर पर सीपीआई, सीपीएम और वीसीके, तीनों पार्टियां आपस में बातचीत कर रही हैं और वे सामूहिक रुख अपना रही हैं और इन तीनों पार्टियों के बीच बनी सहमति के आधार पर आगे बढ़ रही हैं.
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन पार्टी अभी बहुमत के आंकड़े से पीछे है. सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े तक पहुंचने के लिए टीवीके को अभी और विधायकों का समर्थन जुटाना होगा. चुनाव परिणामों में पीएमके को चार सीटें हासिल हुई हैं, जबकि आईयूएमएल, भाकपा, माकपा और वीसीके को दो‑दो सीटें मिली हैं.
ये भी पढ़ें : तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय की TVK CPI और CPM से भी मांगेगी समर्थन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं