तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर विवादों में घिर गई है. विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन में कथित खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसमें मामले की CBI जांच कराने और जांच पूरी होने तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग उठाई गई है.
यह याचिका मदुरै के निवासी के.के. रमेश ने दाखिल की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके (TVK) ने सरकार बनाने के लिए अन्य विधायकों का समर्थन हासिल करने में कथित तौर पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग' का सहारा लिया.
सरकार गठन पर सवाल
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. लेकिन बहुमत से दूर रह गई. इसके बाद अन्य दलों की मदद से सरकार बनाई और सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री बने थे. अब याचिका में इसी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं.
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तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए. जांच पूरी होने तक तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए. याचिका में कहा गया है कि अगर इस तरह के आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे.
बढ़ सकता है सियासी बवाल
इस याचिका के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद तमिलनाडु की सियासत में नया विवाद खड़ा होने के आसार हैं. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है.
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