- अमेरिकी सेना के सचिव ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की
- बैठक में भारत और अमेरिका के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया
- भारत को अमेरिकी एफजीएम-148 जैवलिन मिसाइल प्रणाली और एम982ए1 एक्सकैलिबर तोपखाने के गोले बेचने की मंजूरी दी गई
अमेरिकी सेना के सचिव डैनियल पी ड्रिस्कॉल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को गहरा करने और नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की. भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय ने रविवार को X पर एक पोस्ट में बैठक का विवरण साझा करते हुए कहा, "अमेरिकी सेना के सचिव डैनियल पी. ड्रिस्कॉल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की. चर्चा का मुख्य विषय द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना, सैन्य संबंधों को गहरा करना और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना था."
Mr Daniel P Driscoll, US Secretary of the Army, called on #GeneralUpendraDwivedi, #COAS. The discussions focused on strengthening bilateral #DefenceCooperation, deepening military-to-military engagement, and reinforcing the shared commitment of both armies to global peace and… pic.twitter.com/8tLjmV504d
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) January 25, 2026
साझा रणनीति पर चर्चा
अमेरिकी सेना के सचिव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा संबंधों में निरंतर गति बनी हुई है. पिछले साल नवंबर में, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने भारत-अमेरिका समुद्री साझेदारी को गहरा करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा किया था. चर्चा भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के मूल स्तंभों पर केंद्रित थी.
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समुद्री सुरक्षा पर जोर
दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्र जागरूकता को मजबूत करने, परिचालन अंतरसंचालनीयता का विस्तार करने, सूचना साझाकरण को बढ़ाने, समुद्री संचार मार्गों और पनडुब्बी अवसंरचना की सुरक्षा करने और मानवीय सहायता, आपदा राहत, खोज और बचाव, समुद्री डकैती विरोधी अभियान और अन्य गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के प्रति समन्वय स्थापित करने की योजनाओं की समीक्षा की.
नये हथियार मिलेंगे
इससे पहले नवंबर में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत को एफजीएम-148 जैवलिन टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइल प्रणाली और एम982ए1 एक्सकैलिबर सटीक निर्देशित तोपखाने के गोले और संबंधित उपकरण बेचने की मंजूरी दी थी, जिसकी अनुमानित कीमत 47.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर है. रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) ने एक अधिसूचना जारी कर इस बिक्री की घोषणा की, जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने 93 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के सैन्य उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दे दी है. इस खरीद में 100 जैवलिन मिसाइलें, एक फ्लाई-टू-बाय राउंड, 25 कमांड-लॉन्च यूनिट, प्रशिक्षण उपकरण, सिमुलेशन राउंड, स्पेयर पार्ट्स और पूर्ण जीवनचक्र समर्थन शामिल हैं.
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