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अमेरिकी सेना के सचिव ड्रिस्कॉल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की
- Sunday January 25, 2026
- Edited by: विजय शंकर पांडेय
अमेरिकी सेना के सचिव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा संबंधों में निरंतर गति बनी हुई है.
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फिंगर 4 से 5 की तरफ बढ़ी चीनी सेना, सैटेलाइट तस्वीरों से हुई तस्दीक: सूत्र
- Saturday July 11, 2020
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
ताजी तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से चीनी सेना अपने कदम पीछे कर रही है. इससे पहले भी सूत्रों के जरिए यह जानकारी हासिल हुई थी कि चीन पैंगोंग लेक के किनारे अपने सैनिकों की संख्या को घटा रहा है. भारतीय सेना इस पर पैनी नजर बनाए हुए है चीन कब तक और किस तरह से पीछे हटता है.
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पैंगोंग त्सो झील से चीनी सेना हटी, लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अफसरों की चौथे दौर की वार्ता अगले हफ्ते
- Friday July 10, 2020
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पैंगोंग त्सो झील से चीन ने अपनी सेना को हटा लिया है. जून की सलैटेलाइट तस्वीरों और ताजा तस्वीरों में फर्क नजर आ रहा है. कल भी सूत्रों के हवाले से पता चला था कि पैंगोंग त्सो में चीन अपनी सैनिकों की संख्या में कमी कर रहा है. लेकिन सेना की इस पर पैनी नजर है कि चीन कब तक और किस प्रकार पीछे हटता है. भारत इसको वेरीफाई भी करेगा.
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सेनाएं इधर से उधर कर रहा है अमेरिका, क्या भारत के लिए चीन के खिलाफ उतरने की तैयारी है, 10 बड़ी बातें
- Friday June 26, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
जब चीन की ओर से भारत कोई खतरा होता है तो ये सवाल हमेशा उठता है कि क्या मौका पड़ने पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा. क्योंकि चीन इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका की प्रभुता को चुनौती देने को आमादा है. दूसरी ओर एशिया में चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए भारत भी तैयार है. लेकिन इतिहास में अमेरिका के भारत के प्रति व्यवहार को एक तरफ रख दिया जाए तो भी इस बार अमेरिका की ओर से अब तक आए बयान भारत के लिए कोई उत्साहजनक नहीं है. गालवान घाटी में हुई झड़प के बाद भी अमेरिका की ओर से बयान के मतलब भी 'देखेंगे जैसे' थे. लेकिन गुरुवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से आए बयान भारत को थोड़ा खुश कर सकते हैं. लेकिन क्या इस बयान का ये मतलब निकाला जाए कि क्या चीन के साथ युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत के साथ सीधे मैदान में उतर जाएगा.
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अमेरिकी सेना के सचिव ड्रिस्कॉल ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की
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फिंगर 4 से 5 की तरफ बढ़ी चीनी सेना, सैटेलाइट तस्वीरों से हुई तस्दीक: सूत्र
- Saturday July 11, 2020
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: नितेश श्रीवास्तव
ताजी तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से चीनी सेना अपने कदम पीछे कर रही है. इससे पहले भी सूत्रों के जरिए यह जानकारी हासिल हुई थी कि चीन पैंगोंग लेक के किनारे अपने सैनिकों की संख्या को घटा रहा है. भारतीय सेना इस पर पैनी नजर बनाए हुए है चीन कब तक और किस तरह से पीछे हटता है.
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- Friday July 10, 2020
- Reported by: राजीव रंजन, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पैंगोंग त्सो झील से चीन ने अपनी सेना को हटा लिया है. जून की सलैटेलाइट तस्वीरों और ताजा तस्वीरों में फर्क नजर आ रहा है. कल भी सूत्रों के हवाले से पता चला था कि पैंगोंग त्सो में चीन अपनी सैनिकों की संख्या में कमी कर रहा है. लेकिन सेना की इस पर पैनी नजर है कि चीन कब तक और किस प्रकार पीछे हटता है. भारत इसको वेरीफाई भी करेगा.
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- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
जब चीन की ओर से भारत कोई खतरा होता है तो ये सवाल हमेशा उठता है कि क्या मौका पड़ने पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा. क्योंकि चीन इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका की प्रभुता को चुनौती देने को आमादा है. दूसरी ओर एशिया में चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए भारत भी तैयार है. लेकिन इतिहास में अमेरिका के भारत के प्रति व्यवहार को एक तरफ रख दिया जाए तो भी इस बार अमेरिका की ओर से अब तक आए बयान भारत के लिए कोई उत्साहजनक नहीं है. गालवान घाटी में हुई झड़प के बाद भी अमेरिका की ओर से बयान के मतलब भी 'देखेंगे जैसे' थे. लेकिन गुरुवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से आए बयान भारत को थोड़ा खुश कर सकते हैं. लेकिन क्या इस बयान का ये मतलब निकाला जाए कि क्या चीन के साथ युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत के साथ सीधे मैदान में उतर जाएगा.
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