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This Article is From Dec 17, 2019

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर आया अमेरिका का बयान, भारत से की ये अपील

वहीं, दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस कार्रवाई और विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए.

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जामिया सहित देशभर की दर्जनों यूनिवर्सिटी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.
  • CAA के खिलाफ प्रदर्शन पर अमेरिका का आया बयान
  • अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा से दूर रहने के लिए कहा
  • भारत सरकार से भी की अपील
वाशिंगटन:

अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह भारत में नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन करने वालों से हिंसा से दूर रहने और प्रशासन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान करने की अपील की है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'हम लोग नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहे हैं. हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए. हम प्रदर्शनकारियों से भी हिंसा से दूर रहने की अपील करते हैं.'

अमेरिकी विदेश विभाग मंत्रालय ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार हमारे दोनों लोकतंत्र के मूल सिद्धांत हैं. अमेरिका ने भारत से आग्रह किया है कि अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जाए.

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वहीं, दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस कार्रवाई और विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. प्रदर्शन का समर्थन नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते नजर आए. कहीं-कहीं ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, तो कहीं इसने हिंसक रूप ले लिया. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन प्रदर्शनों को दुखद एवं निराशाजनक बताया और शांति की अपील की. जामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में देखा गया. जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट हो गया. कांग्रेस के अलावा चार अन्य राजनीतिक दल के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर जामिया परिसर में रविवार शाम की घटनाओं की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की.

जामिया के छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के बाद देशभर में गुस्सा, दर्जनों यूनिवर्सिटीज के छात्र आए साथ

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘केंद्र सरकार एक ऐसा कानून लाकर देश में हिंसा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है और सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं. अगर सरकार यह कानून नहीं लाती तो कोई हिंसा नहीं होती.' पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस ने इंडिया गेट पर शाम चार बजे से शाम छह बजे तक मूक प्रदर्शन भी किया. प्रियंका ने कहा, ‘‘छात्रों पर हमला भारत की आत्मा पर वार है.'' वहीं उनकी मां और पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर भाजपा पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया. 

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