- भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत हुए हैं.
- भारत ने अमेरिका से आने वाले औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ समाप्त करने या कमी करने पर सहमति दी है.
- अमेरिका भारत के वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक, जैविक रसायन और हस्तनिर्मित उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करेगा.
भारत और अमेरिका ने ऐतिहासिक ट्रेड डील की ओर एक और कदम बढ़ा दिया है. द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई देने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है. दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई है. यह आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) की नींव रखेगा. इससे अमेरिका के कई उत्पाद भारत में सस्ते होंगे तो वहीं भारत के कई उत्पादों को अमेरिका में राहत मिलेगी.
दोनों देशों के संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका ने न केवल टैरिफ से जुड़े अहम फैसले लिए हैं, बल्कि गैर‑शुल्क बाधाओं को हटाने पर भी सहमति बनी है.

अमेरिकी सामान पर ये होगा असर
समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाले औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ समाप्त करने या उनमें उल्लेखनीय कमी करने पर सहमति जताई है. इससे अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी. आइए जानते हैं कि अमेरिका के कौनसे उत्पाद भारत में सस्ते होंगे.
खाद्य एवं कृषि उत्पाद:
- सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स
- पशु आहार के लिए लाल ज्वार
- मेवे
- ताजे और प्रोसेस्ड फ्रूट
- सोयाबीन तेल
- वाइन और स्पिरिट
- अन्य उत्पाद

भारतीय सामान पर ये होगा असर:
अमेरिका भारत में उत्पादित वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करेगा. इन वस्तुओं पर शामिल हैं ये.
- वस्त्र और परिधान
- चमड़ा और जूते
- प्लास्टिक और रबर
- जैविक रसायन
- घर की सजावट का सामान
- हस्तनिर्मित उत्पाद
- और कुछ मशीनरी

अंतरिम समझौते के तहत अमेरिका कई प्रकार की वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ हटा देगा. इनमें शामिल हैं-
- जेनेरिक दवाएं
- रत्न और हीरे
- विमान के पुर्जे
भारत 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदेगा
भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने को लेकर सहमत है. साथ ही प्रतिबंध लगाने वाली उन आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म करेगा जो अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करती हैं या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाती हैं.
इसके साथ ही भारत अगले 5 सालों में अमेरिका से 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा. साथ ही भारत और अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा सेंटरों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित प्रौद्योगिकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे.
अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्रता से लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, जिससे इस फ्रेमवर्क के हिसाब से दोनों के बीच व्यापार समझौते को संपन्न किया जा सके.
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