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उरी में एलओसी के पास बारूदी सुरंग में धमाका,राष्ट्रीय राइफल्स के दो जवान घायल

कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंग विस्फोट में सेना के दो जवान घायल हो गए. दोनों को तुरंत श्रीनगर के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया.

उरी में एलओसी के पास बारूदी सुरंग में धमाका,राष्ट्रीय राइफल्स के दो जवान घायल
उरी में बारूदी सुरंग में धमाका हो गया.

उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक एक बारूदी सुरंग विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए. यह हादसा कमलकोट उप-क्षेत्र में स्थित अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के आसपास हुआ. यह पोस्ट 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत कार्यरत 8 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की निगरानी में है. घटना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.

घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया अस्पताल

अधिकारियों के अनुसार विस्फोट के तुरंत बाद दोनों जवानों को घटनास्थल से निकाला गया. उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीनगर के बादामीबाग स्थित सेना के बेस अस्पताल पहुंचाया गया. घायल जवानों की पहचान हवलदार विजय कुमार और नायक शरणप्पा अंगारी के रूप में हुई है. दोनों 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हैं और हादसे के समय एलओसी के पास ड्यूटी पर मौजूद थे. सेना के अनुसार दोनों जवानों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है.

पुराने बारूदी सुरंग से विस्फोट की आशंका

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह विस्फोट किसी पुरानी एंटी-पर्सनल माइन के सक्रिय हो जाने से हुआ हो सकता है. हालांकि विस्फोट की सटीक वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि बारूदी सुरंग अपनी मूल स्थिति से खिसकी थी या किसी अन्य कारण से सक्रिय हुई. जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा

सीमा क्षेत्रों में मानसून के दौरान ऐसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है. भारी बारिश, मिट्टी के कटाव और भूस्खलन के कारण बारूदी सुरंगें अपनी तय जगह से हटकर दूसरे इलाकों में पहुंच जाती हैं. पानी के तेज बहाव और जमीन खिसकने की वजह से ये सुरंगें उन रास्तों तक पहुंच सकती हैं जिन्हें पहले सुरक्षित माना जाता था. यही कारण है कि बरसात के दिनों में गश्त और निगरानी के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है.

पूरे इलाके में चलाया गया सर्च ऑपरेशन

विस्फोट के बाद सेना ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है. इसका उद्देश्य क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा बल पूरे इलाके की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी और दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके. सेना लगातार सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बनाए हुए है और जवानों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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