- साल 1994 में इस दुकान को सील कर दिया गया था
- प्राधिकरण की ओर से इस दुकान का रिजर्व मूल्य 2 करोड़ 5 लाख रुपये रखा गया था
- विशेष टाडा अदालत की अनुमति से प्राधिकरण ने 17 संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया है
मुंबई: बाबरी मस्जिद गिराये जाने के बाद जनवरी 1993 में जब मुंबई में दूसरे दौर के दंगे हुए तो सोने-चांदी के तस्कर मुश्ताक उर्फ टाइगर मेमन के दफ्तर को शिव सैनिकों ने जला दिया था. माहिम में शीतलादेवी मंदिर के पास 52 वर्गमीटर की दुकान से टाइगर मेमन अपनी कंपनी तिजारत इंटरनेशनल का दफ्तर चलाता था. अपने जले हुए दफ्तर को देखकर टाइगर मेमन इस कदर आक्रोशित हुआ था कि उसने पूरी मुंबई को जला देने की ठानी. इसी घटना के बाद उसने मुंबई बमकांड की साजिश रची, जिसे 12 मार्च 1993 को अमल किया गया. उस दोपहर हुए 12 ठिकानों पर सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की जान गयी थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गये थे. आज सफेमा कानून के तहत टाइगर मेमन की उस दुकान को नीलाम कर दिया गया, जिसमें वो अपना दफ्तर चलाता था.
जब बमकांड की साजिश का खुलासा हुआ तो टाडा कानून के तहत टाइगर और उसके परिवार की तमाम संपत्तियों को जब्त कर लिया गया. अब केंद्र सरकार की ओर से एक-एक करके उन तमाम संपत्तियों की नीलामी हो रही है. इसी कड़ी में तस्कर और विदेशी मुद्रा मेनिपुलेटर (संपत्ति की जब्ती) अधिनियम, 1976 (सफेमा) के तहत सक्षम प्राधिकरण (कंपीटंट अथॉरिटी) ने मंगलवार को टाइगर मेमन की इसी दुकान की नीलामी कर दी. 1994 में इस दुकान को सील कर दिया गया था. प्राधिकरण की ओर से इस दुकान का रिजर्व मूल्य 2 करोड़ 5 लाख रुपये रखा गया था. बोली लगाने के लिये सिर्फ एक शख्स आया, जिसकी जानकारी फिलहाल गोपनीय रखी गयी है.
प्राधिकरण ने 17 संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया है
विशेष टाडा अदालत की अनुमति से प्राधिकरण ने 17 संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया है. जो संपत्तियां कब्जे में ली गयीं हैं उनमें सांताक्रूज का कोले कल्याण भूखंड भी है जोकि 1200 वर्गमीटर में फैला हुआ है. इसके अलावा मुंबई के जवेरी बाजार में जमीन का वो टुकडा भी प्राधिकरण के कब्जे में आ गया है, जहां कभी टाइगर मेमन की आलीशान इमारत खड़ी हुआ करती थी. इस जगह से जुडी दिलचस्प बात ये है कि टाइगर के कहने पर जब उसके गुर्गे आर.डी.एक्स भरकर स्कूटरों को जगह जगह खड़े कर रहे थे तब एक गुर्गे ने गफलत में स्कूटर इसी इमारत के बाहर पार्क कर दिया था.
जवेरी बाजार में हुए उस धमाके में 17 लोग मारे गये थे और उसमें टाइगर मेमन की ये इमारत भी छतिग्रस्त हो गयी. बाद में गोविंद खैरनार नाम के एक बीएमसी अधिकारी ने इमारत के बचे खुचे हिस्से पर बुलडोजर चला दिया. अब बीएमसी उस जगह को कूड़ाघर के तौर पर इस्तेमाल करती है.
और भी संपत्तियों की होगी नीलामी
इससे पहले भी अलग-अलग एजेंसियां टाइगर मेमन और दाऊद इब्राहिम की तमाम संपत्तियों की नीलामी कर चुकीं हैं. इनमें रत्नागिरी जिले के मुंबके गांव में दाऊद की पुश्तैनी हवेली और मुंबई के जयराजभाई लेन के औद्योगिक गाले प्रमुख हैं. जल्द ही सफेमा का सक्षम प्राधिकरण टाइगर मेमन की जब्त की गयी बाकी संपत्तियों की नीलामी भी करेगा. टाइगर मेमन फिलहाल पाकिस्तान में बताया जाता है, जहां वो कोल्ड स्टोरेज का कारोबार चलाता है. उसके भाई याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को नागपुर जेल में फांसी दे दी गयी थी.
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