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किचन में चूहे-कॉकरोच, स्टोरेज में एक्सपायर्ड सामान... यूपी में 73 फूड लाइसेंस सस्पेंड

यूपी में FSDA के 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी, चूहे-कॉकरोच और एक्सपायर्ड सामान जैसी कमियां मिलीं. गंभीर खामियों पर 73 फूड लाइसेंस सस्पेंड किए गए, जबकि सुधार के बाद 56 लाइसेंस बहाल हुए.

किचन में चूहे-कॉकरोच, स्टोरेज में एक्सपायर्ड सामान... यूपी में 73 फूड लाइसेंस सस्पेंड
AI की सहायता से ली गई सांकेतिक तस्वीर

यूपी में अगर आप भी बाहर चाव से खाना खाते हैं, तो यह खबर आपको सचेत करने के लिए है. दरअसल राज्य में सेहत से खिलवाड़ करने वाले कई नामी रेस्टोरेंट्स और होटलों के खिलाफ एफएसडीए ने एक बड़ा 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान छेड़ रखा है.रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की तो कई जगहों की बदहाली ने उन्हें भी चौंका दिया. राज्य में कई नामी रेस्टोरेंट्स में कहीं  गंदे किचन में चूहे और कॉकरोच दौड़ रहे थे, तो कहीं लोगों को सड़ा-गला और एक्सपायर्ड खाना परोसा जा रहा था.इस लापरवाही पर एक्शन लेते हुए विभाग ने अब तक 73 बड़े फूड जॉइंट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. ये छापेमारी अभियान लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में चलाया गया. अच्छी बात ये है कि इस दौरान कुछ रेस्टोरेंट में व्यवस्था पूरी तरह ठीक भी मिली है. 

रेस्टोरेंट्स में मिली गंदगी और खराब सामान

एफएसडीए की टीमों ने जांच के दौरान पाया कि कई बड़े रेस्टोरेंट्स के किचन और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई की भारी कमी थी. कई जगहों पर नालियां खुली थीं और कीड़े-मकौड़ों से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. इसके साथ ही कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाना रखने के तरीकों में भी लापरवाही देखी गई. सबसे गंभीर बात यह थी कि कुछ प्रमुख प्रतिष्ठानों में सड़ा-गला और एक्सपायर्ड सामान भी रखा पाया गया, जिस पर विभाग ने सख्त आपत्ति जताई.

सुधार करने पर मिली राहत, 56 लाइसेंस हुए बहाल

अभियान के तहत विभाग केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा है, बल्कि कारोबारियों को अपनी कमियां सुधारने का मौका भी दे रहा है. जिन 73 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, उन्होंने सफाई, पेस्ट कंट्रोल और खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार करके विभाग को तस्वीरें और वीडियो साक्ष्य भेजे. इसके बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर दोबारा जांच की. सब कुछ संतोषजनक पाए जाने पर अब तक 56 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल कर उन्हें दोबारा कारोबार करने की अनुमति दे दी गई है.

दोबारा गलती करने पर होगी और कड़ी कार्रवाई

खाद्य सामग्री एक्सपायर्ड पाए जाने के मामलों पर विभाग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. संबंधित प्रतिष्ठानों से लिखित में शपथ पत्र लिया गया है कि वे आगे से ऐसी लापरवाही नहीं करेंगे. विभाग ने चेतावनी दी है कि दोबारा एक्सपायर्ड सामान मिलने पर सीधा लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. इसके अलावा, ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले ग्राहकों की सुविधा के लिए भी निर्देश दिए गए हैं कि कंपनियों को ऐप पर स्पष्ट लिखना होगा कि भोजन फ्रोजन है, पहले से पका हुआ है या बिल्कुल ताजा तैयार किया गया है.

टुंडे कबाबी से लेकर ला पिनोज पिज्जा तक पर एक्शन

जांच के दौरान एफएसडीए ने यह भी साफ किया कि हुक्का बार खाद्य कारोबार की श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए फूड लाइसेंस में 'हुक्का बार' लिखने पर पूरी तरह पाबंदी होगी. इस पूरे अभियान के दौरान बीकानेरवाला, चंपारण मीट, क्लब जलवा, रेबेल फूड्स, टुंडे कबाबी, न्यू कृष्णा भोजनालय, रमाडा होटल और ला पिनोज पिज्जा जैसे कई बड़े ब्रांड्स की भी जांच की गई. इन सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों में मिली कमियों को पहले सख्ती से ठीक कराया गया, और दोबारा पूरी तसल्ली होने के बाद ही इन्हें फिर से काम शुरू करने की इजाजत दी गई. 
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