उत्तर प्रदेश के उन्नाव में करोड़ों की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे एक बार फिर बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया है. एक्सप्रेसवे के 30.6 किलोमीटर पर सड़क टूटने की तस्वीरें सामने आई हैं. यह घटना उन्नाव से करीब 40 किलोमीटर दूर हुई है. ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है. एक्सप्रेस-वे के टूटने की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण कार्य और मरम्मत व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. उन्नाव से करीब 40 किलोमीटर दूर का यह मामला है, जहां एक्सप्रेसवे सड़क स्लीपेज हुई है.

मामला सामने आने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया.
Photo Credit: NDTV
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी इसी एक्सप्रेस-वे पर 64 किलोमीटर की दूरी पर सड़क धंसने का मामला सामने आया था और अब एक बार फिर सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है.
मामला सामने आने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया, लेकिन आरोप है कि सड़क की स्थायी मरम्मत के बजाय केवल पैबंद लगाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है. वहीं, यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोका गया, जिससे पूरे मामले को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित निर्माण एजेंसी या अधिकारियों की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है.
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इससे पहले भी सामने आया था मामला
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त का मामला पहली बार नहीं सामने आया है. इससे पहले उद्घाटन के 12 दिनों बाद 27 जुलाई को ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा उन्नाव जिले के पास धंसने का मामला सामने आया. उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई और उसमें पानी भर गया था. हालांकि, मामला सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI की तरफ से भी बयान आया, जिसमें बताया गया कि बारिश की वजह से सड़क धंसी थी, जिसकी मरम्मत की जा चुकी है. बता दें कि 13 जुलाई 2026 को ही इस परियोजना का उद्घाटन किया गया था.
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