विज्ञापन

मुलायम-अखिलेश जिस नोएडा से डरते थे, योगी वहां 25 बार गए; जानिए क्या था वो 'कुर्सी जाने' का अंधविश्वास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के 'नोएडा अंधविश्वास' पर तीखा प्रहार किया है. जानिए क्या था वो 29 साल पुराना 'कुर्सी जाने' का खौफ, जिससे डरकर पूर्व मुख्यमंत्री नोएडा आने से बचते थे और कैसे सीएम योगी ने 25 बार नोएडा जाकर इस मिथक को हमेशा के लिए दफन कर दिया.

मुलायम-अखिलेश जिस नोएडा से डरते थे, योगी वहां 25 बार गए; जानिए क्या था वो 'कुर्सी जाने' का अंधविश्वास

Noida Myth Uttar Pradesh CM: लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में CM योगी ने विपक्षी दलों पर चुटीला तंज कसा. उन्होंने कहा- जो लोग राम मंदिर को अंधविश्वास का प्रतीक बताते थे, वे खुद अपनी कुर्सी बचाने के लिए इतने डरे हुए थे कि कभी नोएडा में कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. दरअसल योगी का यह बयान उस 35 साल पुराने 'नोएडा मिथक' (Noida Jinx) की ओर इशारा है, जिसने उत्तर प्रदेश के कई मुख्यमंत्रियों की रातों की नींद उड़ा रखी थी . क्योंकि यूपी की सियासत में एक वक्त ऐसा था जब नोएडा में कदम रखने की बात सुनते ही मुख्यमंत्रियों के माथे पर पसीना आ जाता था. माना जाता था कि जो भी मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान नोएडा की धरती पर कदम रखेगा, उसकी कुर्सी चली जाएगी. इसी अंधविश्वास के चलते मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव तक ने नोएडा से दूरी बनाए रखी. लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल इस मिथक को तोड़ा, बल्कि बार-बार नोएडा आकर यह साबित कर दिया ये सिर्फ अंधविश्वास है और कुछ भी नहीं. क्या है ये दिलचस्प मिथक जानिए इस रिपोर्ट में

 क्या है नोएडा का वो 'मनहूस' मिथक?

इस अंधविश्वास की जड़ें जून 1988 की एक घटना में छिपी हैं. उस समय यूपी के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह थे. वे नोएडा के एक कार्यक्रम में शामिल होने आए और जैसे ही लखनऊ लौटे, अगले ही दिन उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद 1989 में एनडी तिवारी नोएडा आए और उनकी भी सत्ता चली गई. इन दो घटनाओं ने यूपी के सियासी गलियारों में यह बात फैला दी कि 'नोएडा जाना मतलब सत्ता गंवाना'. इसके बाद कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज भी इस शहर में आने से कतराते रहे.

Latest and Breaking News on NDTV

मुलायम से अखिलेश तक: अंधविश्वास के आगे घुटने टेके

धीरे-धीरे नोएडा का डर इतना गहरा गया कि करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन दिल्ली या लखनऊ से ही कर दिया जाता था. मुलायम सिंह यादव ने अपने तीन कार्यकाल के दौरान कभी नोएडा आने का साहस नहीं दिखाया. वे दिल्ली तक आते थे, लेकिन यमुना पार कर नोएडा की सीमा में प्रवेश नहीं करते थे. इसके बाद आया मायावती का दौर. साल 2011 में मायावती ने इस मिथक को चुनौती देने की कोशिश की और दलित प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के लिए नोएडा आईं. इत्तेफाक से 2012 के चुनाव में वे हार गईं, जिससे यह अंधविश्वास और मजबूत हो गया. उनके बाद लखनऊ में सत्ता की चाबी आई अखिलेश के हाथ में. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तो आधुनिक सोच और ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई की बात करते थे, लेकिन नोएडा के मामले में वे भी पुराने ढर्रे पर चले. साल 2012 से 2017 के बीच उन्होंने दर्जनों प्रोजेक्ट्स (नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार) का उद्घाटन किया, लेकिन कभी नोएडा नहीं आए. यहां तक कि 2013 में जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक कार्यक्रम के लिए नोएडा आए, तब भी अखिलेश यादव उनके स्वागत के लिए वहां नहीं पहुंचे थे.

योगी आदित्यनाथ: रिकॉर्ड तोड़ दौरे 

साल 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया था कि वे अंधविश्वासों में यकीन नहीं रखते.

पहली बार कब आए: दिसंबर 2017 में पीएम मोदी के साथ मेट्रो की 'मैजेंटा लाइन' के उद्घाटन के लिए वे नोएडा पहुंचे. विपक्षी दलों ने तब तंज कसा था कि अब योगी की कुर्सी जाएगी, लेकिन 2022 के चुनावों में वे और भी प्रचंड बहुमत के साथ वापस आए.

कितनी बार आए: सीएम योगी अब तक 25 से ज्यादा बार नोएडा का दौरा कर चुके हैं. कोरोना काल हो, जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास हो या डेटा सेंटर का उद्घाटन, योगी ने नोएडा को यूपी के विकास का चेहरा बना दिया है.

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कि नोएडा कोई 'अभिशाप' नहीं बल्कि यूपी की आर्थिक राजधानी है. योगी के बार-बार नोएडा आने और दोबारा सत्ता में लौटने ने उस तीन दशक पुराने मिथक को हमेशा के लिए दफन कर दिया है जिसने यूपी के विकास की रफ्तार को सालों तक बांधे रखा था.
ये भी पढ़ें: खन्ना जी का कुंवारा रहना आपके लिए फायदेमंद... यूपी का बजट बताते-बताते योगी ने ली वित्त मंत्री की चुटकी-VIDEO

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com