Jayant Chaudhary Threat: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी दी गई है. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के तुगलक रोड ताने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्हें धमकी उनके स्टाफ को फोन और वॉट्सऐप के जरिए दी गई है. शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. धमकी देने वाला पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला है. पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च को जयंत चौधरी के प्रथम निजी सहायक विश्वेन्द्र शाह को मोबाइल पर धमकी भरा कॉल आया था. इसके अलावा वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर गोली मारने की धमकी दी. आरोपी ने बताया कि उसके पास केंद्रीय मंत्री का एक टूर प्रोग्राम भी है, जिसे उसने वॉट्सऐप कर दिया था. दिल्ली पुलिस को आरोपी की लोकशन जांच में मुर्शिदाबाद की मिली है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. केंद्रीय मंत्री के सरकारी टूर का प्रोग्राम लीक होने पर सवाल खड़े हो गए हैं.
'ऊपर' से आई है टूर प्रोग्राम की कॉपी- आरोपी
पीएम ने थाने में दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने 11 बजे कॉल किया था. जब उठाया तो केंद्रीय मंत्री को जान से मारने की धमकी देने लगा था. उसने वॉट्सऐप पर भेजे कागज देखने के बारे में पूछा. उसने MP5 गन जैसे हथियारों का जिक्र करते हुए कहा था कि इसी से ही गोली मारेगा. इतना कहकर फोन काट दिया. जब वॉ्ट्सऐप मैसेज देखा तो उसने जयंत चौधरी के 'सरकारी टूर प्रोग्राम' की फोटो कॉपी भी भेजी थी. जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो लिखा हुआ था. इसके साथ ही टैक्स्ट मैसेज और वॉइस मैसेज भी भेजे थे. आरोपी ने बताया कि टूर प्रोग्राम की कॉपी उसके पास 'ऊपर' से आई है.
कोई कर रहा है जासूसी
शिकायत में यह भी बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति भी उनके आवासा के पिछले गेट की जासूसी कर रहा है. वह निगरानी रख रहा है कि दरवाजा किस समय खुलता-बंद होता है और कौन आता-जाता है. लगभग तीन दिन पहले रात 9 बजे से 10 बजे के बीच एक सफेद रंग की काले शीशे वाली कर कोठी के दूसरी तरफ काफी देर तक खड़ी रही और उसमें सवार लोग कोठी की निगरानी कर रहे थे.
कौन हैं जयंत चौधरी
जयंत चौधरी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख हैं, जिनका जन्म 27 दिसंबर 1978 को डलास (अमेरिका) में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह और राधिका सिंह के घर हुआ था. उन्होंने ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज से और फिर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से अकाउंटिंग और फाइनेंस में एमएससी किया. वह पहली बार 2009 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने थे. वह फिलहाल केंद्र सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं.
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