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जिस CID पर थी नशे की फैक्ट्री बंद कराने की जिम्मेदारी, उसी के 4 जवान करने लगे ड्रग्स तस्करी का खेल

3 मार्च को शिमला पुलिस ने दो व्यक्तियों को तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था. पूछताछ में उन्होंने सीआईडी ​​के 4 कर्मियों का नाम लेते हुए मिलीभगत की जानकारी दी.

जिस CID पर थी नशे की फैक्ट्री बंद कराने की जिम्मेदारी, उसी के 4 जवान करने लगे ड्रग्स तस्करी का खेल
प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल प्रदेश में सीआईडी के चार सब-इंस्पेक्टर को नशा तस्करों के साथ मिलीभगत के मामले में गिरफ्तार किया गया. कुल्लू जिले के निवासी चारों सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार (40), समीर (40), नितेश (46) और अशोक कुमार (42) के रूप में हुई है. एक ओर, जहां हिमाचल सरकार ड्रग्स माफिया के खिलाफ पंचायत स्तर पर अभियान छेड़ चुकी है, वहीं सीआईडी के एसआई की सांठगांठ सामने आना चिंताजनक भी है. 

3 मार्च को पकड़े गए थे 2 तस्कर

शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक धीमान ने मीडियाकर्मियों को बताया कि 3 मार्च को जिला पुलिस ने दो व्यक्तियों को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.1 करोड़ रुपये से अधिक है. पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता लगा कि सीआईडी ​​के 4 कर्मियों की तस्करों के साथ मिलीभगत थी.

आज आरोपियों की अदालत में पेशी 

उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस की सिफारिश पर की गई विस्तृत जांच के बाद, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) ने 16 मार्च को आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर दिया. धीमान ने बताया कि आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा. 

पिछले साल 234 पंचायतों में तैनात की थी सीआईडी

पिछले साल हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की उन 234 पंचायतों में सीआईडी ​​(अपराध जांच विभाग) और पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती की घोषणा की थी, जो नशे के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं.

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