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This Article is From Oct 07, 2022

"लाखों बनाम शून्य" : शिवसेना की 'जंग' में संख्‍याबल को लेकर उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग के समक्ष दावा

उद्धव ठाकरे का कहना है कि उनके साथ 54 शिवसेना विधायकों में से 14, विधान परिषद के सभी 12 सदस्य, 19 लोकसभा सांसदों में से सात और सभी तीन राज्यसभा सदस्य हैं.

"लाखों बनाम शून्य" : शिवसेना की 'जंग' में संख्‍याबल को लेकर उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग के समक्ष दावा
शिवसेना के चिन्‍ह को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट आमने-सामने हैं
नई दिल्‍ली:

एकनाथ शिंदे की ओर से शिवसेना के ज्‍यादातर विधायकों की बगावत की अगुवाई कर राज्‍य का नया मुख्‍यमंत्री बनने के करीब चार माह बाद, उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)ने शुक्रवार का चुनाव आयोग (Election Commission) के समक्ष अपनी पार्टी का नाम, ढांचा, चिह्न और अन्‍य जानकारियां दाखिल कीं. तकनीकी रूप से उद्धव अभी भी अपने पिता द्वारा पांच दशक पहले स्‍थापित की गई पार्टी के अध्‍यक्ष हैं. उद्धव ने स्‍वीकार किया है कि पार्टी के ज्‍यादातर विधायक अब उनके साथ नहीं हैं लेकिन उन्‍होंने एकनाथ शिंदे के 'नंबर्स' को 'शून्‍य' बताया. उन्‍होंने तर्क दिया कि बागी विधायकों की गिनती नहीं होनी चाहिए क्‍योंकि उनके खिलाफ अयोग्‍यता संबंधी याचिकाएं अभी लंबित हैं.    

शिंदे गुट की ओर से पार्टी और उसके चुनाव चिन्‍ह-धनुष-बाण पर दावा किए जाने के बाद चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे से जवाब मांगा था, जो अभी तकनीकी रूप से पार्टी प्रमुख हैं. उद्धव ने जवाब दिया, चूंकि एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों ने पार्टी छोड़ दी थी इसलिए वे 3 नवंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले चुनाव चिह्न का दावा नहीं कर सके. उद्धव ठाकरे का कहना है कि उनके साथ 54 शिवसेना विधायकों में से 14, विधान परिषद के सभी 12 सदस्य, 19 लोकसभा सांसदों में से सात और सभी तीन राज्यसभा सदस्य हैं. गौरतलब है कि 288 सदस्‍यीय विधानसभा में एकनाथ शिंदे सरकार ने 164 वोट के साथ बहुमत साबित किया था. इसके सहयोगी बीजेपी के 106 विधायक है और इसे कुछ अन्‍य का समर्थन भी हासिल है. 

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टीम ठाकरे ने स्‍वीकार किया है कि उसके कई पदाधिकारियों ने 'निष्‍ठा' बदल ली है. इसकी ओर से कहा गया है कि इसके 29 में से 11 राज्‍य प्रभारी एकनाथ शिंदे के साथ हैं लेकिन उनका दावा है कि पार्टी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी, जिसका जनवरी 2018 में आखिरी बार गठन हुआ था, के 234 सदस्‍यों में से 160 का समर्थन उसे हासिल है. प्राथमिक सदस्‍यों के बारे में बड़ा दावा करते हुए टीम ठाकरे की ओर से कहा गया है-करीब 10 लाख उसके साथ है जबकि 1.6 लाख से कुछ अधिक बागी गुट के साथ.

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे नीत खेमे को राज्य में आगामी विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर पार्टी के ‘तीर धनुष' चिह्न पर प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे खेमे द्वारा किए गए दावे पर शनिवार तक जवाब देने को कहा था. ठाकरे खेमे को आयोग का निर्देश शुक्रवार को आया, जब शिंदे खेमा ने एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि ‘तीर धनुष' चुनाव चिह्न उसे आवंटित कर दिया जाए क्योंकि अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव नजदीक है. आयोग ने ठाकरे को लिखे एक पत्र में शिवसेना को निर्देश दिया था कि वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ आठ अक्टूबर को अपराह्न दो बजे तक जवाब दे. आयोग ने कहा, ‘‘यदि कोई जवाब नहीं मिलता है, तो वह मामले में तदनुसार उचित कार्रवाई करेगा.''

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शिंदे खेमा द्वारा ‘तीर धनुष' चुनाव चिह्न पर नये दावे को ठाकरे खेमा को इसके उपयोग से वंचित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. ठाकरे खेमे ने 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए विधायक रमेश लटके की पत्नी रुतुजा लटके को मैदान में उतारने का फैसला किया है. शिंदे खेमे की सहयोगी भाजपा ने रमेश लटके के निधन के कारण हो रहे उपचुनाव के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका पार्षद मुरजी पटेल को मैदान में उतारने का फैसला किया है. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शिवसेना के ठाकरे खेमे और महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) में उनके गठबंधन सहयोगी के उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया है. बता दें, शिंदे ने कांग्रेस और राकांपा के साथ ‘‘अस्वभाविक गठबंधन'' करने के लिए ठाकरे के खिलाफ विद्रोह का झंडा बुलंद किया था. शिवसेना के 55 में से 40 विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था, जिससे ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. (भाषा से भी इनपुट)

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