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नहीं लड़ना तो बता दो, मैं रुक जाऊंगा... सांसदों के सामने बोले उद्धव, शिवसेना मीटिंग की इनसाइड स्टोरी

उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई सांसदों की बैठक में शिवसेना की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई, जहां राज्यसभा सीट को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत के बीच तीखी बहस हुई.

नहीं लड़ना तो बता दो, मैं रुक जाऊंगा... सांसदों के सामने बोले उद्धव, शिवसेना मीटिंग की इनसाइड स्टोरी
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  • राज्यसभा की एक सीट को लेकर संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी के बीच मतभेद ने शिवसेना के अंदर विवाद बढ़ा दिया है
  • उद्धव ठाकरे ने सांसदों से भरोसा जताते हुए कहा कि वे इस राजनीतिक लड़ाई में उनके समर्थन पर निर्भर हैं
  • सांसदों ने आदित्य ठाकरे की कम सक्रियता और उनकी सांसदों से दूरी को लेकर नाराजगी व्यक्त की है
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महाराष्ट्र की राजनीति में 'महाविकास अघाड़ी' के भीतर सीटों का तालमेल बिठाना उद्धव ठाकरे के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. राज्यसभा की एक सीट और पार्टी के भीतर नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर शिवसेना उद्धव गुट (UBT) के सांसदों ने बगावती सुर तेज कर दिए हैं. आदित्य ठाकरे के दौरों पर सवाल और राज्यसभा के लिए संजय राउत की रणनीति ने पार्टी के अंदर ही खेमेबाजी खड़ी कर दी है. मातोश्री और दिल्ली में हुई शिवसेना (UBT) के सांसदों की बैठकों ने पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक न होने के संकेत दिए हैं. आइए जानते हैं उस मीटिंग की 'इनसाइड स्टोरी', जो उद्धव गुट की भविष्य की दिशा तय कर सकती है.

राज्यसभा सीट पर संजय राउत vs प्रियंका चतुर्वेदी

मीटिंग का सबसे बड़ा टकराव राज्यसभा सीट को लेकर हुआ. संजय राउत ने शिवसेना की कोटे वाली सीट शरद पवार को देने का समर्थन किया, जिससे प्रियंका चतुर्वेदी बुरी तरह नाराज हो गईं. प्रियंका ने सीधे पूछा कि पार्टी को अपनी सीट पर दावा बरकरार रखना चाहिए था, राउत ने खुद ही पवार का नाम घोषित क्यों किया? अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं. बाद में एक सांसद ने यहां तक सवाल उठाया कि उन्हें 6 साल मौका देने का पार्टी को क्या फायदा हुआ.

'मुझ पर भरोसा है या नहीं?',उद्धव का भावुक दांव

जब 'ऑपरेशन टाइगर' यानी बीजेपी-NCP द्वारा सांसदों को तोड़ने की चर्चा की बात उठी, तो उद्धव ठाकरे ने कड़े और भावुक शब्दों में कहा,'बीजेपी और NCP वाले मुझे बताते हैं कि तुम्हारे सांसद टूटने वाले हैं, लेकिन मुझे आप पर भरोसा है. मैं यह लड़ाई आप सांसदों के भरोसे लड़ रहा हूं. अगर आप नहीं लड़ना चाहते, तो मुझे बता दो, मैं अभी रुक जाऊंगा.'

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आदित्य ठाकरे और सांसदों के बीच 'कोल्ड वॉर'

बैठक में युवा नेता आदित्य ठाकरे को लेकर भी सांसदों ने शिकायतें दर्ज कराईं. सांसदों का कहना था कि आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र में पर्याप्त दौरा नहीं कर रहे हैं और वे सांसदों से मिलते भी नहीं हैं. इन शिकायतों के बाद मातोश्री की बैठक में आदित्य ठाकरे ने सांसदों से कोई बातचीत नहीं की। सूत्रों के अनुसार, आदित्य खुद सांसदों के इस व्यवहार से नाराज दिखे.

'हमारे कंधे पर बंदूक मत चलाओ'

राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर भी चर्चा हुई. मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल ने उद्धव से सीट कांग्रेस को देने का आग्रह किया था. इस पर उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को दो-टूक जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में सीधे शरद पवार से बात करनी चाहिए. उद्धव ने कहा, 'हमारे कंधों पर बंदूक रखकर मत चलाओ.' इस रुख से शिवसेना और NCP के बीच संभावित विवाद को टालने की कोशिश की गई.

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