- केंद्र सरकार जल्द ही भारत में ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लागू करने जा रही है
- नए सिस्टम के तहत ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस से पॉइंट काटे जाएंगे
- यदि पॉइंट लिमिट से कम हो जाएं तो लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया जाएगा
अगर आप सड़क पर गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेते हैं, तो अब संभल जाइए. ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब बड़े एक्शन की तैयारी है. केंद्र सरकार जल्द ही देश में ड्राइविंग लाइसेंस का पूरा सिस्टम बदलने जा रही है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि भारत में जल्द ही 'ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम' लागू किया जाएगा. यानी अब अगर ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हैं तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी कैंसिल हो सकता है. आखिर ये सिस्टम है क्या और ये कैसे काम करेगा? आइए बताते हैं.
क्या है यह नया सिस्टम?
देशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर पहले ही नियम बने हुए हैं. लेकिन अभी नियम तोड़ने पर आमतौर पर जुर्माना ही होता है. लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस के साथ 'रिपोर्ट कार्ड' जैसा बर्ताव होगा. जब कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेगा तो उसके लाइसेंस से कुछ पॉइंट काट लिए जाएंगे. अगर पॉइंट्स तय लिमिट से कम हो जाते हैं, तो लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा.
हमेशा के लिए भी कैंसिल हो सकता है लाइसेंस
इतना ही नहीं अगर कोई बार-बार गलती करता है या ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द भी किया जा सकता है.
किन गलतियों पर गिरेगी गाज?
इस नए सिस्टम का फोकस हर तरह के ट्रैफिक गलतियों पर होगा. इसमें ओवरस्पीडिंग, ड्राइविंग के समय मोबाइल का इस्तेमाल,रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शराब पीकर ड्राइविंग शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: कर्तव्य की पिच पर रिंकू सिंह, एक तरफ पिता का साया उठा, दूसरी तरफ वर्ल्ड कप का रण
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं