- पलसाणा में 18 इंच और कामरेज में 16 इंच बारिश होने से हालात और भी गंभीर
- पूरी तरह अलर्ट मोड पर है प्रशासन
- NDRF की एक टीम शहर में राहत कार्य में जुटी हुई है
सूरत जिले में मंगलवार को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी. सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक महज 14 घंटों में सूरत शहर में करीब 13 से 14 इंच बारिश दर्ज की गई. वहीं, पलसाणा में 18 इंच और कामरेज में 16 इंच बारिश होने से हालात और भी गंभीर हो गए. लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ.
जिला कलेक्टर तेजस परमार ने देर शाम स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. सूरत महानगरपालिका (SMC) की टीमें लगातार मैदान में मौजूद हैं. इसके अलावा NDRF की एक टीम शहर में राहत कार्य में जुटी हुई है, जबकि SDRF की तीन अतिरिक्त टीमें भी सूरत के लिए रवाना हो चुकी हैं और जल्द ही राहत अभियान में शामिल होंगी.
अब तक 1200 लोगों को किया गया रेस्क्यू
भारी जलभराव के चलते अब तक 1200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. इसके अलावा जिले के अन्य प्रभावित तालुकों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य लगातार जारी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे.
खतरे के निशान से नीचे बह रही ताप्ती नदी
कलेक्टर तेजस परमार ने बताया कि फिलहाल ताप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और उकाई डैम का जलस्तर भी नियंत्रण में है, इसलिए फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है. हालांकि, लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है.
मौसम विभाग की ओर से बुधवार के लिए भी ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसे देखते हुए एहतियात के तौर पर 8 जुलाई को सूरत जिले की सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा आंगनवाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया गया है.
लोगों से की गई ये जरूरी अपील
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई अत्यंत आवश्यक काम न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें. जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क करें. उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और पूरी सतर्कता बरतने की भी अपील की.

खतरा अभी टला नहीं
बारिश की रफ्तार भले ही फिलहाल कुछ कम हुई हो, लेकिन प्रशासन का मानना है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. इसी वजह से राहत एजेंसियां, पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी रात और अगले दिन भी लगातार निगरानी और राहत कार्य में जुटी रहेंगी.
यह भी पढ़ें- Gujarat: मदद की कीमत जान देकर चुकाई...पड़ोसी को बचाने गया शख्स भी नहीं लौटा जिंदा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं