Indian Political News: भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी ने देशभर में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को डिजिटल ट्रेनिंग देने के लिए विशेष अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत अब तक 11 लाख से अधिक कार्यकर्ता डिजिटल ट्रेनिंग से जुड़ चुके हैं. भाजपा का दावा है कि यह पहल संगठन को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. अब पार्टी का अगला लक्ष्य देश के हर बूथ पर कम से कम 10 प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार कर देशभर में 1 करोड़ डिजिटल कार्यकर्ताओं का नेटवर्क खड़ा करना है.
ऐप आधारित प्लेटफॉर्म से हो रही पढ़ाई
भाजपा महासचिव तरुण चुग के अनुसार अब तक 11,01,618 कार्यकर्ता ऐप आधारित डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं. इस प्लेटफॉर्म को इस तरह तैयार किया गया है ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कार्यकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार ट्रेनिंग प्राप्त कर सकें. ट्रेनिंग सामग्री 12 भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है. इसमें वीडियो, अध्ययन सामग्री, प्रश्नोत्तरी और डिजिटल प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं शामिल हैं जिससे कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित तरीके से सीखने का अवसर मिल रहा है.
संगठन और विचारधारा पर विशेष फोकस
डिजिटल ट्रेनिंग कार्यक्रम केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं है. पाठ्यक्रम में भाजपा का इतिहास, संगठन की कार्यप्रणाली और विचारधारा को भी प्रमुखता दी गई है. कार्यकर्ताओं को पार्टी की पंच निष्ठा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की जानकारी दी जा रही है. इसके अलावा मोदी सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, नमो ऐप और ‘मन की बात' जैसे कार्यक्रमों को भी ट्रेनिंग का हिस्सा बनाया गया है.
स्थापना दिवस से शुरू हुआ अभियान
इस अभियान की शुरुआत 6 अप्रैल 2026 को भाजपा के स्थापना दिवस पर की गई थी. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने इसकी शुरुआत की थी. पार्टी ने 23 जून से 6 जुलाई के बीच 10 लाख कार्यकर्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा था. यह अवधि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से उनकी जयंती तक की थी. भाजपा ने निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 11 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ लिया और अब अभियान को बूथ स्तर तक विस्तार देने की तैयारी कर रही है.
कई राज्यों का शानदार प्रदर्शन
इस अभियान में राज्यों का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना हुआ है. मध्य प्रदेश 1,83,113 प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के साथ देश में सबसे आगे रहा है. वहीं त्रिपुरा ने प्रति बूथ लगभग 20 कार्यकर्ताओं की भागीदारी और 85 % कोर्स पूर्णता दर के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में भी प्रति बूथ पांच से अधिक कार्यकर्ताओं ने ट्रेनिंग लिया है. कोर्स पूर्णता दर के मामले में छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और लद्दाख जैसे राज्यों ने 80 % से अधिक सफलता दर्ज कर संगठन की डिजिटल पहुंच को नई मजबूती दी है.
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