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This Article is From Jun 22, 2012

मुंबई मंत्रालय अग्निकांड की क्राइम ब्रांच करेगी जांच

मुंबई: मुंबई के मंत्रालय में गुरुवार दोपहर लगी आग में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। आग इतनी भयानक थी कि इस पर करीब 12 घंटे बाद काबू पाया जा सका।

वैसे, अब तक इस आग से हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है, लेकिन साफ है कि सीएम और डिप्टी सीएम के दफ्तर के करीब सारे कागजात जलकर खाक हो गए हैं। उधर, मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दुर्घटना से लगी आग का केस दर्ज कराया गया है।

गौरतलब है कि मुंबई मंत्रालय में लगी इस आग में छठे माले पर उप-मुख्यमंत्री के दफ्तर के बाहर दो लोगों के शव मिले, लेकिन बाद में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई। हादसे के वक्त मंत्रालय में लगभग 5,000 लोग मौजूद थे। आग की जांच का काम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपा है। दरअसल, मामले में विपक्ष ने शक जताया था कि यह आगजनी साजिश भी हो सकती है।

कहा जा रहा है कि आग लगने के वक्त उप मुख्यमंत्री अजित पवार दफ्तर के अंदर ही मौजूद थे। आनन−फानन में उन्हें बाहर निकाला गया, जबकि मुख्यमंत्री पनवेल से लौट रहे थे। राज्य के इस कंट्रोल रूम से बैठकर राज्य को कंट्रोल करने वाले चाहकर भी घंटों तक फायर को कंट्रोल नहीं कर पाए। फायर ब्रिगेड यहां पूरी तरह लाचार नजर आया। खुद नेताओं ने दमकल की गाड़ियों को लगभग 40 मिनट की देरी से पहुंचने का आरोप लगाया।

शुक्रवार तड़के अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। विभाग के अधिकारी एसवी जोशी ने यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रालय में अग्निरोधी उपकरण थे, कहा कि ऐसे उपकरण वहां मौजूद थे, लेकिन वह यह नहीं बता सकते कि वे काम करने की स्थिति में थे या नहीं।

आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के जल जाने की खबरों पर रोजगार गारंटी योजना मंत्री नितिन राउत ने कहा कि मंत्रालय में करीब तीन लाख फाइलों को स्कैन कर उन्हें मेन सर्वर में रखा गया है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने पहले ही इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन विपक्ष के नेताओं ने मांग की है कि यह जांच की जानी चाहिए कि कहीं यह तोड़फोड़ का नतीजा तो नहीं है।

इस बीच ऐसी खबरें हैं कि मंत्रालय की छठी मंजिल पर रखा गया वह कलश भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसमें पंडित नेहरू की राख थी। इस आग में तीन माले पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं, हालांकि सीबीआई ने साफ किया है कि आदर्श घोटाले से जुड़ी तमाम फाइलें सुरक्षित हैं।

फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगाई गई थीं। इसके अलावा फोर्स वन को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया। इतना ही नहीं, नेवी के हेलीकॉप्टर को भी बचाव कार्य में लगाया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने 'मंत्रालय’ भवन में लगी आग की जांच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से कराए जाने की घोषणा की है।

यह पूछे जाने पर कि क्या इस आग में महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए हैं, उन्होंने कहा कि उनकी बैकअप फाइलें हैं। दो लाख 27 हजार फाइलों के तीन करोड़ 18 लाख पन्नों को स्कैन किया गया था और वे सुरक्षित हैं। सीबीआई ने भी आदर्श घोटाले से संबंधित फाइलों के नष्ट होने को लेकर आशंकाओं को शांत करते हुए कहा कि उसके पास सभी संबंधित दस्तावेज की प्रतियां हैं।

(इनपुट भाषा से भी)

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