सिविल सेवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं की ऐसे मदद कर रहे हैं ये पुलिस अधिकारी

यूपीएससी परीक्षा में 56वीं रैंक प्राप्त करने वाले आईएएस प्रोबेशनर डॉ किरणमयी कोप्पिसेट्टी का कहना है कि उन्होंने इस काम के लिए समय निकाला जो सबसे कीमती उपहार है, जो उन्होंने उन सभी को दिया.

पुलिस अधिकारी महेश भागवत सिविल सेवा के प्रतिभागियों को सलाह देने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें तैयार करने में मदद करते हैं. द इंडियन फॉरेस्ट सर्विस 2021 परीक्षा परिणाम अभी घोषित ही हुए हैं और महेश भागवत का फोन बजना और बीप करना बंद नहीं हो रहा है. 1995 बैच के इस आईपीएस अधिकारी ने 108 छात्रों को गाइड किया और इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक ने क्वालिफाई कर लिया. टॉप 20 की मेरिट लिस्ट में इनसे जुड़े 10 छात्र रहे.

कॉल के बाद कॉल, क्योंकि भागवत ने सफल होने वाले प्रतिभागियों को बधाई दी है. साथ ही सभी के लिए उनके पास एक मैसेज भी है कि हर चुना व्यक्ति फिर चाहे वो रायपुर से मणिपुर और राजस्थान से यूपी देश के किसी भी हिस्से से हो, सभी से अनुरोध है कि वे लोगों की अच्छी सेवा करें और उन युवाओं के मेंटर बने जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. 

2016 के बाद से महेश भागवत राचकोंडा के कमिश्नर रहे हैं जो कि 5000 वर्ग किलोमीटर और चाल जिलों में फैला देश का सबसे बड़ा आयुक्तालय है. इन छह वर्षों के दौरान वह अखिल भारतीय आईएएस, आईपीएस, भारतीय फॉरेस्ट सर्विस के साथ-साथ भारतीय फॉरेन सर्विस जैसी अन्य केंद्रीय सेवाओं में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहे 1250 से अधिक अखिल भारतीय सेवा उम्मीदवारों के मेंटर बने हैं, जो संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल हुए हैं.

यूपीएससी परीक्षा में 56वीं रैंक प्राप्त करने वाले आईएएस प्रोबेशनर डॉ किरणमयी कोप्पिसेट्टी का कहना है कि उन्होंने इस काम के लिए समय निकाला जो सबसे कीमती उपहार है, जो उन्होंने उन सभी को दिया. उन्होंने आगे कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरा उनके संपर्क हुआ और उनकी दिए गए ज्ञान को प्राप्त करने का अवसर मिला. उनका तरीका भी प्रेरणादायक है.यही नहीं DAFT के लिए भी  जो विस्तृत आवेदन पत्र है उसके लिए भी सर DAFT ले लेते हैं उसमें से भी शब्द निकालते हैं, हमें उस प्रत्येक शब्द पर 50-60 प्रश्न देते हैं. इससे हम इंटरव्यू में जाने से पहले ही हमारा सफर आसान हो जाता है क्योंकि हम एक कार्यरत नौकरशाह के साथ चर्चा और विचार-विमर्श कर चुके होते हैं, जिनके पास इस क्षेत्र का बहुत अनुभव है. हमें पता चल जाता है कि हमें क्या उम्मीद करनी है और वे हमसे क्या उम्मीद करते हैं.

मोहम्मद अब्दुल रावूफ (जिन्होंने 30 मैरिट रैंक के साथ भारतीय फॉरेस्ट  सर्विस में जगह बनाई है) ने कहा कि वे अपने माता-पिता के साथ अपने गुरु को धन्यवाद देने आए हैं. सर अपने व्यस्त कार्यक्रम में से समय निकालकर उम्मीदवारों से फोन या व्हाट्सऐप पर बातें कर रहे थे. यहां तक कि जब वे यूएस में थे, उन्होंने उन्हें फोन किया जिनका उस वीक इंटरव्यू था. वे प्रतिभागियों की पर्सनल स्ट्रेंथ और कहां-कहां सुधार की जरूरत है, उसके हिसाब से  सभी के लिए समय निकालते हैं.

प्रोफेशनली ये एक ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप है जो कि अलग-अलग तरह के स्टडी मैटिरियल और इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के अनुभवों और उदाहरणों को शेयर करते हैं. वह अपने बैचमेट्स, सीनियर्स और जूनियर्स को बातचीतत और मार्गदर्शन देने के लिए आमंत्रित करते हैं. 

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मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल विवाह जैसे सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई पुरस्कार जीतने वाले भागवत कहते हैं कि जब वे संघर्ष कर रहे थे, तब उन्हें मेंटर से मदद मिली थी, इसलिए वह अब अपना काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरी संतुष्टि का सॉर्स प्रतिभागियों की सफलता है. मैंने चैलेंजिंग बैकग्राउंड से आने वाले युवाओं को देखा है, वे वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, जब आईएएस, पुलिस सेवा आईपीएस, आईएफएस सेवा में जैसी मनचाही सफलता मिलती है तो उनके मुस्कुराते चेहरों के माध्यम से जो संतुष्टि मुझे मिलती है वह अकल्पनीय है.