पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को FEMA मामले में जारी समन के तुरंत बाद एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है. समन जारी करने वाले ED के एडिशनल डायरेक्टर रवि तिवारी (IRS) का जालंधर से चेन्नई तबादला कर दिया गया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ED की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है. इस तबादले ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.
कैप्टन को समन और अधिकारी का तबादला, टाइमिंग पर उठ रहे सवाल
रवि तिवारी वही अधिकारी हैं जिन्होंने हाल ही में कैप्टन अमरिंदर और उनके बेटे को नोटिस भेजा था. अब उनका जालंधर जोन से हटाकर 2710 किलोमीटर दूर चेन्नई ट्रांसफर होना राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि एजेंसी के भीतर भी चर्चा का माहौल है. फिलहाल ED या केंद्र सरकार की ओर से इस तबादले की वजह पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
FEMA केस: क्यों बुलाए गए थे कैप्टन और रणइंदर?
ED ने दोनों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम से जुड़े एक पुराने मामले में पेश होने के लिए नोटिस भेजा था. समन के बाद राजनीतिक स्तर पर हलचल बढ़ी और घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया जब कार्रवाई शुरू होने के तुरंत बाद ही अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया.
कैप्टन अस्पताल में भर्ती- BJP नेता मिलने पहुंचे
कुछ दिन पहले घुटने के दर्द के चलते कैप्टन अमरिंदर का फोर्टिस अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था और वे अभी भी भर्ती हैं. इस दौरान हरियाणा के वरिष्ठ BJP नेता अनिल विज उनसे मिलने पहुंचे. पंजाब BJP संगठन के महासचिव श्रीनिवासुलु ने भी अस्पताल जाकर मुलाकात की.
राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि कैप्टन अमरिंदर ने भाजपा में अपनी स्थिति और पंजाब में पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए थे. उनके सवाल उठाने के तुरंत बाद केंद्र की एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
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