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E20 पेट्रोल की क्वॉलिटी को लेकर मोदी सरकार ने सारा कन्फ्यूजन दूर कर दिया!

सरकार का दावा है कि जांच के दौरान सिर्फ दो मामले ऐसे मिले, जिनमें क्लोराइड कंटैमिनेशन पाया गया. इन दोनों पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई.

E20 पेट्रोल की क्वॉलिटी को लेकर मोदी सरकार ने सारा कन्फ्यूजन दूर कर दिया!
E20 को लेकर विवाद

E20 पेट्रोल की क्वालिटी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस समय कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल में मिलावट हो रही है. अब इन तमाम दावों के बीच पहली बार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सामने आया है और अपनी सफाई पेश की है.

मंत्रालय ने कहा है कि देश में एथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की गुणवत्ता की लगातार जांच की जा रही है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) नियमित रूप से फ्यूल क्वालिटी की निगरानी कर रही हैं.

सरकार ने क्या जानकारी दी?

सरकार के मुताबिक, देशभर के 87,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स पर साल में 8 से 12 बार गुणवत्ता परीक्षण किए जाते हैं. इसके अलावा, 2,000 से अधिक फ्यूल सैंपलों में क्लोराइड और सल्फाइड कंटैमिनेशन की भी जांच की गई है.

सरकार का दावा है कि जांच के दौरान सिर्फ दो मामले ऐसे मिले, जिनमें क्लोराइड कंटैमिनेशन पाया गया. इन दोनों पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई. सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर फ्यूल में कंटैमिनेशन की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

कैसे की जा रही चेकिंग?

मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए मल्टी-लेयर क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम लागू किया गया है. इसके तहत पेट्रोल पंप तक फ्यूल पहुंचने से पहले ही उसकी जांच शुरू हो जाती है. सबसे पहले एथेनॉल की खरीद के समय ही उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है.

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच एथेनॉल ले जाने वाले 302 टैंकर गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे. इनमें लगभग 10,500 किलोलीटर एथेनॉल था, जिसे तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट कर दिया गया. सरकार का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाला एथेनॉल सप्लाई चेन में आगे बढ़ने से पहले ही रोक दिया जाता है.

सरकार ने यह भी बताया कि गुणवत्ता जांच में पास होने के बाद भी एथेनॉल को अलग स्टोरेज फैसिलिटी में रखा जाता है, ताकि कंटैमिनेशन की संभावना को न्यूनतम किया जा सके.

सरकार को यह सफाई इसलिए देनी पड़ रही है क्योंकि सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल की वजह से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और बाइक के इंजन खराब हो रहे हैं. विपक्ष भी इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है और सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. आम आदमी पार्टी ने भी साफ कहा है कि मोदी सरकार को E20 नीति वापस लेनी चाहिए.

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