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पेट्रोल पंपों पर E20 की जगह क्‍या फिर से मिलने लगेगा नॉर्मल पेट्रोल? E10 फ्यूल पर BPCL का बड़ा बयान

पेट्रोल पंपों पर नॉर्मल पेट्रोल मिलने की चर्चा को बल CEA वी अनंत नागेश्‍वरन के सुझाव से मिला, जिसमें उन्‍होंने कहा कि पुराने वाहनों के लिए पेट्रोल पंपों पर ई10 का विकल्‍प होना चाहिए. जानिए क्‍या ऐसा कोई प्‍लान है, क्‍या ऐसा होने वाला है?

पेट्रोल पंपों पर E20 की जगह क्‍या फिर से मिलने लगेगा नॉर्मल पेट्रोल? E10 फ्यूल पर BPCL का बड़ा बयान
क्‍या पेट्रोल पंपों पर E10 फ्यूल की वापसी होगी
(NDTV File Photo)

Normal Petrol at Petrol Pump News Facts: केंद्र की इथेनॉल पॉलिसी और E20 पेट्रोल पर हो रही चर्चा के बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि पेट्रोल पंपों पर फिर से नॉर्मल पेट्रोल मिल सकता है. मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन के उस सुझाव के बाद इस चर्चा को बल मिला, जिसमें उन्‍होंने कहा कि पुरानी गाड़ियों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर E20 (20% इथेनॉल) के साथ E10 (10% इथेनॉल) पेट्रोल का विकल्प भी फिर से उपलब्ध कराया जाना चाहिए. बहरहाल, इस बीच पेट्रोल पंपों पर E10 पेट्रोल को लेकर सरकारी तेल कंपनी BPCL का बड़ा बयान सामने आया है. 

भारत पेट्रोलियम (BPCL) के चेयरमैन और MD  संजय खन्ना ने AGM के बाद कहा कि पेट्रोल पंपों पर E10 पेट्रोल मुहैया कराने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्‍होंने बस इतना कहा कि अगर सरकार ऐसा कोई फैसला लेती है तो तेल कंपनियों को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर में बदलाव को लेकर चुनौतियां नहीं होंगी. 

भारत पेट्रोलियम ने और क्‍या कहा? 

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के चेयरमैन और एमडी संजय खन्ना ने गुरुवार को कहा कि E20 पेट्रोल को E10 से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो चर्चा चल रही है, वह केवल इस बात को लेकर है कि क्या पुराने वाहनों के लिए 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन का अलग विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए. 

कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बीपीसीएल के चेयरमैन ने कहा कि कुछ हलकों में यह बहस चल रही है कि पुराने वाहनों को कम एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की सुविधा मिलनी चाहिए या नहीं. हालांकि उन्होंने दोहराया कि सरकार की मौजूदा E20 नीति को वापस लेने या उसे बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है.

'बयान को दूसरे तरीके से पेश किया गया'

BPCL ने AGM के बाद क्लियर करते हुए कहा कि चेयरमैन के बयान को दूसरे तरीके से लिया गया. एक्‍स पोस्‍ट में कंपनी ने कहा कि BPCL का मौजूदा E20 ब्लेंडेड पेट्रोल को E10 से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जिससे ऐसा लगता है कि E10 पर एक विकल्प के तौर पर विचार किया जा रहा है, जो कि सही नहीं है.

आगे कहा गया कि पिछले 3 साल से ज़्यादा समय से E20 फ्यूल पर चल रहे लाखों वाहनों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के अनुभव से इंजन खराब होने या किसी अन्य समस्या का कोई सबूत नहीं मिला है. BPCL नेशनल इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का समर्थन करना जारी रखेगा और फ्यूल की क्वालिटी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. 

बकौल संजय खन्‍ना, 'मैंने कभी नहीं कहा कि E20 को E10 में बदला जाएगा. चर्चा केवल इस बात पर हो रही है कि क्या पुराने वाहनों को कम एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए.' 

'अगर सरकार पॉलिसी में बदलाव करती है तो...'

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, खन्ना ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में सरकार एथेनॉल मिश्रण नीति में कोई बदलाव करने का निर्णय लेती है, तो E20 से E10 या किसी अन्य मिश्रण पर जाने में बीपीसीएल को कोई बड़ा परिचालन या लॉजिस्टिक संकट नहीं दिखाई देता. हालांकि एक साथ कई ग्रेड के पेट्रोल की आपूर्ति और वितरण को लेकर व्यावहारिक चुनौतियां जरूर मौजूद हैं.

उन्होंने कहा, 'वर्तमान में जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें पुराने वाहनों के लिए E10 ईंधन उपलब्ध कराना भी शामिल है. लेकिन इसके साथ आपूर्ति और वितरण संबंधी चुनौतियां जुड़ी हुई हैं, क्योंकि एक अतिरिक्त ग्रेड के पेट्रोल को समानांतर रूप से संभालना आसान नहीं होता.'

E10 और E20 में क्‍या अंतर है?

जैसा कि आप जानते भी हैं कि E10 पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल और 90 प्रतिशत पेट्रोल होता है, जबकि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल शामिल होता है. केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के जरिए पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है.

हाल ही में कुछ मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहन E20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं और वाहन निर्माता कंपनियां भी निजी तौर पर इस ईंधन को लेकर चिंतित हैं. इन दावों के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक फैक्टशीट जारी कर ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया था.

मंत्रालय ने कहा था कि E15 से अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग पिछले साढ़े तीन वर्षों से और E19-E20 ईंधन का उपयोग ढाई वर्षों से अधिक समय से किया जा रहा है. इस अवधि में एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहनों में तकनीकी विफलता की कोई प्रमाणित घटना सामने नहीं आई है.

फैक्टशीट के अनुसार, यदि एथेनॉल मिश्रण वास्तव में इंजनों या ईंधन प्रणालियों को व्यापक नुकसान पहुंचा रहा होता, तो वाहन निर्माताओं को बड़ी संख्या में वारंटी दावे, विशेष सेवा अभियान चलाने पड़ते और उपभोक्ताओं की ओर से व्यापक शिकायतें दर्ज होतीं. लेकिन ऐसा कोई रुझान देखने को नहीं मिला है. 

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