रतलाम:
घोड़ी पर सवार दूल्हे के सिर पर पगड़ी की जगह हेलमेट किसी को भी हैरान कर सकता है। लेकिन ये आइडिया पुलिस का है जो दूल्हे की सुरक्षा के नाते किया गया।
दरअसल मध्यप्रदेश के रतलाम की एक बारात में घोड़ी पर बैठा लड़का दलित समुदाय का है, ये बात अगड़ी जाति के लोगों को हजम नहीं हुई तो बारात पर पत्थर बरसने लगे, जिसके बाद बारात रोक दी गई। बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बारात को सुरक्षा दी गई। इस दौरान आसपास के घरों की छत पर पुलिसवाले पहरा देते रहे और सुरक्षा के नाते दूल्हे को हेलमेट पहनाया गया।
रतलाम जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर ताल तहसील के गांव नेगरून में रविवार रात ये वाकया हुआ। पूरालाल पड़ियार की बेटी आशा की शादी में बेरछा से दूल्हा पवन मालवीय बरात लेकर आया। बरात को पंचायत भवन के पीछे खेत में विवाह स्थल पर ठहराया गया।
रात 8 बजे जब बारात दुल्हन के घर के लिए रवाना हुई तो जैसे ही पंचायत चौराहे पर पहुंची, आसपास के घरों से पत्थर आने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई। पथराव से बाराती आक्रोशित हो गए और उन्होंने भी पत्थर उठा लिए। तभी तहसीलदार के.एल. जैन, टीआई सुरेश बलराज ने बीच बचाव कर मामला शांत करवाया।
दरअसल गांव के पुरालाल पड़ियार के परिजनों ने कुछ दिनों पहले ही रतलाम एसपी से लिखित शिकायत की थी कि गांव के कुछ लोग घोड़ी पर बैठाकर दूल्हे की बारात नहीं निकालने देते हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि हमारे घर भी बेटी की शादी है, बारात आएगी, लेकिन कुछ लोग इसमें विवाद करेंगे, इसलिए हमे पुलिस सुरक्षा दी जाए।
रविवार को देर शाम शिकायतकर्ता पुरालाल के घर बारात आने से पहले ही पुलिस पहुंच गयी थी, लेकिन दबंगों ने घोड़ी वाले को पहले धमकी दे दी कि वो शादी में ना जाए। काफी देर बाद पुलिस सुरक्षा के बाद घोड़ी पर दूल्हे को बैठाकर गांव मे बारात निकाली गयी, लेकिन गांव में कुछ दूर चलते ही बारात पर पथराव शुरू हो गया।
पथराव में कुछ बारातियों को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस ने गांव में चारो ओर से घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू कर दी, देर रात तक चली सर्चिंग में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। देर रात जब स्थिति नियंत्रण में आई तब कहीं जाकर बारात दुलहन के घर पहुंची, लेकिन दहशत के कारण दूल्हे को घोड़ी पर हेलमेट पहना कर बैठाया गया और पुलिस के पहरे में पूरी शादी हो पाई।
दरअसल मध्यप्रदेश के रतलाम की एक बारात में घोड़ी पर बैठा लड़का दलित समुदाय का है, ये बात अगड़ी जाति के लोगों को हजम नहीं हुई तो बारात पर पत्थर बरसने लगे, जिसके बाद बारात रोक दी गई। बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बारात को सुरक्षा दी गई। इस दौरान आसपास के घरों की छत पर पुलिसवाले पहरा देते रहे और सुरक्षा के नाते दूल्हे को हेलमेट पहनाया गया।
रतलाम जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर ताल तहसील के गांव नेगरून में रविवार रात ये वाकया हुआ। पूरालाल पड़ियार की बेटी आशा की शादी में बेरछा से दूल्हा पवन मालवीय बरात लेकर आया। बरात को पंचायत भवन के पीछे खेत में विवाह स्थल पर ठहराया गया।
रात 8 बजे जब बारात दुल्हन के घर के लिए रवाना हुई तो जैसे ही पंचायत चौराहे पर पहुंची, आसपास के घरों से पत्थर आने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई। पथराव से बाराती आक्रोशित हो गए और उन्होंने भी पत्थर उठा लिए। तभी तहसीलदार के.एल. जैन, टीआई सुरेश बलराज ने बीच बचाव कर मामला शांत करवाया।
दरअसल गांव के पुरालाल पड़ियार के परिजनों ने कुछ दिनों पहले ही रतलाम एसपी से लिखित शिकायत की थी कि गांव के कुछ लोग घोड़ी पर बैठाकर दूल्हे की बारात नहीं निकालने देते हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि हमारे घर भी बेटी की शादी है, बारात आएगी, लेकिन कुछ लोग इसमें विवाद करेंगे, इसलिए हमे पुलिस सुरक्षा दी जाए।
रविवार को देर शाम शिकायतकर्ता पुरालाल के घर बारात आने से पहले ही पुलिस पहुंच गयी थी, लेकिन दबंगों ने घोड़ी वाले को पहले धमकी दे दी कि वो शादी में ना जाए। काफी देर बाद पुलिस सुरक्षा के बाद घोड़ी पर दूल्हे को बैठाकर गांव मे बारात निकाली गयी, लेकिन गांव में कुछ दूर चलते ही बारात पर पथराव शुरू हो गया।
पथराव में कुछ बारातियों को मामूली चोटें भी आईं। पुलिस ने गांव में चारो ओर से घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू कर दी, देर रात तक चली सर्चिंग में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। देर रात जब स्थिति नियंत्रण में आई तब कहीं जाकर बारात दुलहन के घर पहुंची, लेकिन दहशत के कारण दूल्हे को घोड़ी पर हेलमेट पहना कर बैठाया गया और पुलिस के पहरे में पूरी शादी हो पाई।
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