- गुजरात में बीजेपी ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और उनकी जीत को लगभग सुनिश्चित माना जा रहा है
- केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कूरियन को राज्यसभा टिकट नहीं मिला है
- मणिपुर से महिला सांसद ए. शारदा देवी को टिकट मिला है जबकि राजस्थान से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए आज कुल 11 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है. बीजेपी ने राज्यसभा के द्विवार्षिक उपचुनाव के लिए अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक को प्रत्याशी बनाया है. गुजरात से राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमान और जीतेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को प्रत्याशी बनाया गया है. मध्य प्रदेश से तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है. मणिपुर से ए. शारदा देवी तो राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया को प्रत्याशी बनाया है.
वहीं राज्यसभा के ओडिशा उप-चुनाव के लिए देबाशीष सामंतराय को प्रत्याशी बनाया गया है. यह सीट उन्हीं के इस्तीफे से खाली हुई है. वे बीजेडी के राज्यसभा सांसद थे और अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है. वहीं गुजरात में बीजेपी ने चारों सीटों पर उम्मीदवार दिए हैं. चारो उम्मीदवारों की जीत तय है.
टिकट बंटवारे का संदेश
- दो केंद्रीय मंत्रियों रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कूरियन का नाम इस लिस्ट में नहीं है.
- दोनों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है.
- इसका मतलब यह है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और मंत्रिपरिषद में नहीं रहेंगे.
- बिट्टू हाल ही में कह चुके हैं कि वे अपना बोरिया बिस्तर समेट कर पंजाब जा रहे हैं और विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे.
- वहीं जॉर्ज कूरियन केरल बीजेपी के नेता हैं, उन्हें राज्य चुनावों के मद्देनजर राज्य सभा में लाया गया था.
- अब उनकी जगह एमपी से बीजेपी महासचिव तरुण चुग को मौका दिया गया है.
- इससे पहले एक अन्य राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी राज्य सभा में आ चुके हैं.
- बीजेपी ने एमपी में दो सीटों पर उम्मीदवार दिए यानी वहां चुनाव होगा और क्रास वोटिंग पर नजर रहेगी.
- मणिपुर से महिला सांसद होंगी, ए शारदा देवी को टिकट दिया गया.
- राजस्थान से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को राज्य सभा भेजा जाएगा.
- पूनिया विधानसभा चुनाव हार गए थे लेकिन बाद के हरियाणा और बिहार विधानसभा चुनाव में कड़ी मेहनत कर पार्टी का दिल जीता.
- पश्चिम बंगाल की शानदार जीत के बावजूद एक अन्य महासचिव सुनील बंसल को राज्यसभा नहीं भेजा गया है.
- दो मंत्रियों को राज्यसभा में नहीं भेजे जाने का मतलब यह है कि उनकी जल्दी ही मंत्रिपरिषद से छुट्टी हो सकती है.
- इसी तरह केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी और हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है.
- एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के तहत वे भी जल्दी ही मंत्रिपरिषद से हट सकते हैं.
- इससे यह इशारा भी मिल रहा है कि जल्दी ही मंत्रिपरिषद में फेरबदल भी हो सकता है.
- गुजरात में बीजेपी ने चारों सीटों पर उम्मीदवार दिए हैं, सभी की जीत तय है.
- गुजरात में पहली बार कांग्रेस का कोई राज्य सभा सदस्य नहीं होगा.
साफ है बीजेपी ने बहुत सोच-समझकर टिकटों का बंटवारा किया है. इसमें अगले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ मेहनत करने वाले नेताओं का खास ख्याल रखा गया है. राज्यसभा टिकट बंटवारे से ये भी साफ पता चल रहा है कि जल्द ही केंद्रीय मंत्रीपरिषद में फेरबदल हो सकता है.
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