मध्य प्रदेश और बिहार की एटीएस टीमों ने गिरफ्तार किए संदिग्ध आतंकी इजहार उल हक के मंसूबे पड़े ही खतरनाक निकले हैं. वह पाकिस्तानी टेरर ग्रुप से जुड़कर पीएफआई के मिशन पर काम कर रहा था. आरोपी ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं. इजहार उल हक की आज रिमांड भी खत्म हो रही है तो एटीएस उसे भोपाल कोर्ट में पेश करेगी.
संदिग्ध आतंकी ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तानी टेरर ग्रुप से जुड़ा था और 'मिशन 2047' के लिए अपने अन्य साथियों के साथ काम कर रहा था. इनका मकसद पीएफआई के एजेंडे को वर्ष 2047 तक देश में लागू करना था. इजहार बिहार के मधुबनी से पकड़ा गया था. उसके तीन साथियों फराज, नईम और शाकिर मेव को ATS पहले ही रिमांड पर ले चुकी है.
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ऐसे शुरू हुईं गिरफ्तारियां
12 जून को मध्य प्रदेश एटीएस ने भोपाल में गोपनीय ऑपरेशन चलाकर काजी कैंप इलाके में नन्हे बी की मस्जिद के पास से 35 साल के मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था. इसकी भनक स्थानीय पुलिस को तक नहीं लगी थी. आरोप था कि वह विदेश की कट्टरपंथी सामग्री पढ़ रहा था. डिजिटल उपकरणों की जांच में कथित जिहादी साहित्य और पीडीएफ दस्तावेज मिलने का दावा किया गया.
जांच में पता चल गया कि वह किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. एजेंसियों को पता चला कि वह किसी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान की तैयारी कर रहा था.
ऐसे पकड़ा गया नईम
फराज की गिरफ्तारी के अगले दिन एटीएस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नानौता क्षेत्र से नईम अब्दुल्ला कुरैशी (38) को गिरफ्तार किया. नईम और फराज ने देवबंद के एक मदरसे में साथ पढ़ाई की थी और नईम ने ही कथित तौर पर फराज को इस नेटवर्क से जोड़ा था. इसके बाद राजस्थान पुलिस के सहयोग से राजस्थान-हरियाणा सीमा से लगे अलवर जिले से मोहम्मद शाकिर मेव (34) को गिरफ्तार किया गया.
जब तीनों की गिरफ्तारी हुई तो जांच एजेंसियों को किसी संगठित मॉड्यूल के संकेत मिले. फिर जांच आगे बढ़ी तो बिहार से इजहार-उल-हक का गिरफ्तारी हुई.
इजहार निकला मॉड्यूल का 'अमीर'
मधुबनी (बिहार) के पंडौल थाना क्षेत्र के नौतोल सरिसबपाली गांव का निवासी इजहार एक स्थानीय मदरसे से जुड़ा हुआ है. एजेंसियों को उसकी गिरफ्तारी बहुत महत्वपूर्ण निकली. इजहार इस मॉड्यूल का 'अमीर' यानी वैचारिक मार्गदर्शक और संचालक था. उस पर आरोप है कि वह अलग-अलग राज्यों में लोगों की पहचान कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने, उनकी ब्रेनवॉशिंग करने और कथित तौर पर उन्हें 'लोन वुल्फ' हमलों के लिए तैयार करने का काम कर रहा था.
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