वायुसेना के सैन्य अभ्यास वायु शक्ति 2026 में स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस की भागीदारी पर संशय बना हुआ है. स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ने आज (मंगलवार को) राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में हुई फुल ड्रेस रिहर्सल में हिस्सा नहीं लिया. तेजस बेड़े के विमान इस समय मेंटेनेंस यानि रखरखाव जांच से गुजर रहे हैं. इसी महीने की शुरुआत में 7 फरवरी को तेजस का एक फाइटर विमान हादसे का शिकार हो गया था.

क्या हुआ था तेजस के साथ?
तेजस विमान को बनाने वाली हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के विमान में जमीन पर हल्की तकनीकी खराबी हुई थी. ये तब हुआ जब विमान एक सॉर्टी यानी उड़ान के बाद वापस रनवे पर लौटा था. खबरें थीं कि विमान क्रैश हो गया है. लेकिन इसे बनाने वाली कंपनी ने साफ किया है कि विमान क्रैश नहीं हुआ. ये सिर्फ एक माइनर यानी छोटी सी तकनीकी दिक्कत थी.
तेजस की जांच होगी
इस तरह की तकनीकी खराबी आने के बाद विमानों की जांच के लिए एक प्रकिया तय की गई है. प्रक्रिया के तहत अब इस तकनीकी समस्या की गहराई से जांच की जाएगी. एचएएल इस मामले के जल्द समाधान के लिए भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर काम कर रहा है. तेजस के बेड़े में मौजूद सभी विमानों की जांच कर ये सुनिश्चित किया जाएगा कि आगे से ऐसी खराबी न आए.
एक्सरसाइज 'वायु शक्ति' में हिस्सा लेगा तेजस?
एक्सरसाइज वायु शक्ति 2026 का आयोजन 27 फरवरी को राजस्थान के पोखरण में होना है. इस ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन में कुल 128 विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें 77 फाइटर जेट शामिल हैं. तेजस ने एक्सरसाइज वायु शक्ति 2024 में हिस्सा लिया था. इसलिए ये मानकर चला जा रहा था कि 2026 की एक्सरसाइज में भी तेजस मौजूद होगा. लेकिन सूत्रों के अनुसार यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तेजस 27 फरवरी को होने वाले वायुशक्ति के कार्यक्रम में हिस्सा लेगा या नहीं. तेजस का इस अभ्यास में हिस्सा न लेना स्वदेशी फाइटर अभियान के लिये किसी झटके से कम नही है. यह भारत का इकलौता स्वदेशी जेट है. इसलिए इसका हिस्सा न लेना एक अच्छा संकेत नहीं है.
पहले भी हो चुके हैं तेजस के हादसे
लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड अच्छा है. ये विमान अभी भी डेवलप हो रहा है इसलिए इसमें सुधार की कई गुंजाइश है. और फाइटर जेट्स के सन्दर्भ में ये गुंजाइश हमेशा रहती है. चाहे वो भारत का तेजस हो, अमेरिका का उन्नत B2 बॉम्बर हो या F-22 रैप्टर हो. तेजस को पहला झटका मार्च 2024 में लगा जब जैसलमेर के पास एक तेजस फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. ऐसे ही दूसरी घटना दुबई एयर शो के दौरान नवंबर 2025 में हुई थी. यहां तेजस एक प्रदर्शन उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
इस दौरान पायलट की मौत भी हो गई थी. वायु सेना ने जांच के लिये कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश भी दिया था. यहीं नही, अब तीसरी बार तकनीकी खराबी का मामला तब सामने आया है, जब एचएएल पहले से ही वायुसेना को एलसीए मार्क 1 ए की आपूर्ति में देरी करने को लेकर दवाब में है. यह डिलीवरी कम से कम दो से ढाई साल देरी से चल रहा है. हालत ये है कि अभी भी एचएएल यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि वह आखिर कब पहला एलसीए तेजस मार्क 1 ए वायु सेना को मिल पाएगा.
समय पर वायुसेना को तेजस के न मिलने की वजह से ही आज वायुसेना के पास मात्र 29 स्क्वाड्रन ही रह गये हैं. कहा गया था कि यह विमान मिग 21 की जगह लेंगे लेकिन पुराने होने की वजह से मिग 21 तो वायुसेना से बाहर हो गए पर उसकी जगह लेने के लिये अभी तक एलसीए तेजस मार्क 1 ए का कोई कोई अता पता नहीं है. निश्चित तौर पर इससे वायुसेना को अपनी हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी से भी समझौता करना पड़ा है. इसी वजह से वायुसेना ने फ्रांस से 114 रफाल खरीदने का फैसला किया है.
यह भी पढ़ें: बहादुरी, समर्पण और राष्ट्रप्रेम को हमेशा याद रखा जाएगा... वायुसेना ने तेजस के पायलट नामांश स्याल को दी श्रद्धांजलि
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं