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कौन है स्वतंत्र भारद्वाज, जंतर-मंतर पर ऐसा क्या हुआ था? जिससे दिल्ली से पटना तक मचा बवाल

Swatantra Bhardwaj: स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुए विवाद के बाद यह मामला फिलहाल देशभर में चर्चा में बना हुआ है. ऐसे स्वतंत्र भारद्वाज कौन है और क्यों यह विवाद शुरू हुआ है.

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज
  • स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है.
  • लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज कौन है, जो फिलहाल देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
  • स्वतंत्र भारद्वाज का विवाद निशू आजाद से जुड़ा हुआ है, जो दिल्ली जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान हुआ था.
नई दिल्ली:

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुआ एक विवाद करीब ढाई महीने बाद अचानक राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद बन गई है. इस विवाद के केंद्र में है 21 साल का सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज. एक वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ दिया था. उसने यह भी दावा किया कि संजय को करीब 60 टांके आए, मामला हत्या के प्रयास यानी धारा 307 का बनता था, लेकिन इसके बावजूद उसे जेल नहीं जाना पड़ा. सबसे ज्यादा विवाद उसके उस दावे को लेकर हुआ जिसमें उसने राजनीतिक संपर्कों का जिक्र किया, उसने कपिल मिश्रा, चिराग पासवान को लेकर अपने राजनीतिक संबंधों और समर्थन की बात कही और उन्हें अपना बड़ा भाई बताया. लेकिन जब जब NDTV ने शुक्रवार को बात की तो उसने बताया कि वो सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर है और उसने जो कहा मजाक में कहा था, उसने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो फिर से हमला करेगा. हालांकि अब स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया है. 

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज

मूलरूप से बिहार के पटना का रहने वाला स्वतंत्र भारद्वाज कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि या सरकारी पद पर मौजूद व्यक्ति नहीं है. वह वो खुद को सोशल मीडिया पर सक्रिय एक युवा इन्फ्लुएंसर और खुद को हिंदुत्व समर्थक कार्यकर्ता के तौर पर पेश करता है. सोशल मीडिया पर वह खुद को स्वतंत्र सनातनी योद्धा के तौर पर प्रस्तुत करता रहा है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर करीब 1.8 लाख फॉलोअर्स हैं.उसकी पहचान मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर उसके सार्वजनिक बयानों से बनी है. एक बात जरूर साफ है वह खुद को राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली लोगों के करीब बताता रहा है और इसी वजह से उसके नाम के साथ राजनीतिक कनेक्शन की चर्चा तेज हुई.अगर उसके पोस्ट को देखें तो उसके अधिकतर पोस्ट भड़काऊ है, जैसे अभिनेत्री स्वरा भास्कर को लेकर उसने कहा जौहर प्रथा पर बात कही. राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में अखिलेश यादव को अपशब्द कहे थे. इस तरह के कई मामले थे. 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था विवाद

दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब CJP का प्रदर्शन चल रहा था. तब कई छात्र यहां मौजूद थे. इसी प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद निवासी 38 के एक शख्स वहां मौजूद थे, उनकी नाबालिग बेटी भी प्रदर्शन में शामिल थी. उसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए स्वतंत्र भारद्वाज भी अपने साथियों के साथ पहुंचा,शाम को करीब 5 बजे स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो कुछ लोग बनाने लगे, इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, इसके बाद जो वीडियो में दिख रहा है कि नाबालिग के पिता और उसके साथियों ने मिलकर स्वतंत्र भारद्वाज की पिटाई शुरू कर दी, इसी मारपीट के बीच भरद्वाज ने हाथ में पहना कड़ा नाबालिग लड़की के पिता के सिर में मार दिया, इतने में वहां पुलिस आ गई और पुलिस नाबालिग लड़की के पिता और स्वतंत्र को लेकर थाने आ गई. नाबालिग लड़की के पिता की मेडिकल जांच हुई और मेडिको लीगल रिपोर्ट में उनकी चोट को सिंपल इंजरी बताया गया उसी आधार पर FIR में शुरुआती तौर पर BNS की ये धाराएं लगाई गईं. 

सूरज कुमार भी बनाया गया आरोपी 

इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के अलावा उसके साथ सूरज कुमार को भी आरोपी बनाया गया. स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को पुलिस ने पकड़ा भी था, लेकिन ये धाराएं जमानती है और अधिकतम सज़ा एक साल की है इसलिए छोड़ दिया गया. इसके बाद 24 जुलाई 2026 को नाबालिग लड़की के पिता का सोशल इंडिया पर एक वीडियो आता है, उसमें वो कहते है कि मैं कहना चाहता हूं कुछ लोग कह रहे हैं अनजाने में मेरे सिर पर चोट मारकर सोचते हैं कोई तीर बहुत बड़ा तीर मार दिया. तो मैं कहना चाहता हूं अगर वहां पर दो मिनट पुलिस ना आती तो फोटो में देख सकते हो तुम्हारी दशा किस तरह कर रखी थी. पुलिस को सिर्फ वहम हो गया था मैं तुझे मार रहा हूं. तो पुलिस ने हमें पकड़ लिया था गलती से. इस वीडियो में उनकी नाबालिग बेटी भी साथ दिख रही है. 

चिराग पासवान, कपिल मिश्रा का लिया नाम 

इसके बाद बीते गुरुवार को स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो वायरल हुआ जिसमें वो कह रहा है कि 23 जुलाई को जो मैने किया वो हत्या की कोशिश का मामला था. लेकिन मेरा कुछ नहीं हुआ. मैं तो आराम से बाहर घूमता रहा, पुलिस ने मुझे पकड़ा भी नहीं, कपिल मिश्रा, चिराग पासवान मेरे बड़े भाई है, मैने जो किया आत्मरक्षा में किया और जरूरत पड़ी तो फिर कड़ा मारूंगा. बस उसके इसी बयान के बाद  मामला तूल पकड़ गया. वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठाया गया कि आखिर पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है. लेकिन दिल्ली पुलिस का कहना है कि ऐसा नहीं है कि पुलिस ने उसे कभी पकड़ा ही नहीं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिया गया था. दोनों से पूछताछ की गई और बाद में कानून के मुताबिक नोटिस देकर आगे की जांच में शामिल किया गया.

चार्जशीट दाखिल

पुलिस का कहना है कि जांच के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जानी थी. चोट हाथ में पहने गए कड़े से लगी थी. इसे किसी हथियार से किया गया हमला नहीं बताया गया. पीड़ित को RML अस्पताल ले जाया गया।मेडिकल जांच में चोट साधारण प्रकृति की बताई गई. पुलिस ने कहा कि खोपड़ी में फ्रैक्चर की बात MLC से समर्थित नहीं है. यानी आरोपी के वायरल बयान और पुलिस के मेडिकल रिकॉर्ड वाले दावे में बड़ा अंतर है. वायरल वीडियो के बाद CJP और भीम आर्मी ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 4 सितंबर को CJP से जुड़े लोग संसद मार्ग थाने पहुंचे और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की है. 

CJP का आरोप था कि पुलिस ने जून में स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार नहीं किया और उसे सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया. CJP ने हत्या के प्रयास की धारा लगाने SC/ST Act के तहत कार्रवाई करने और मामले की दोबारा गंभीरता से जांच करने की मांग की. प्रदर्शन में CJP के लोगों के अलावा सांसद चंद्रशेखर आजाद और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव सहित अन्य राजनीतिक लोग भी पहुंचे थे. CJP का कहना है कि पीड़ित दलित परिवार से आते हैं और इसलिए हमले में जातिगत एंगल की भी जांच होनी चाहिए. 4 सितंबर को पुलिस के साथ बातचीत के पुलिस ने 23 जून की FIR में SC/ST Act की धारा जोड़ दी और कहा कि पीड़ित की दुबारा मेडिकल जांच के बाद तय होगा कि FIR में हत्या की कोशिश की धाराएं जोड़ी जाएं या नहीं.

बुलंदशहर से गिरफ्तार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज

विवाद सिर्फ पिता पर हमले तक सीमित नहीं रहा. नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उसे लगातार गालियां, धमकियां और रेप की धमकियां दी जा रही हैं. सोशल मीडिया पर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें शेयर की जा रही है. उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने अलग से नई FIR दर्ज की और इस FIR में भी स्वतंत्र भारद्वाज को आरोपी बनाया. ये FIR POCSO Act और आईटी एक्ट के  तहत दर्ज की गई है. 4 सितंबर को दिनभर चले घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस की टीमें स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश में जुटीं. पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंची. सूत्रों के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया और दिल्ली लाया गया है. हालाकिं उसकी गिरफ्तारी पर अभी कुछ भी साफ नहीं हुआ है.

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