- स्वतंत्र भारद्वाज को देर रात दिल्ली के तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है.
- जेल से रिहा होते ही उसे तुरंत कार में बैठाकर जेल से ले जाया गया.
- स्वतंत्र भारद्वाज को 3 सप्ताह की जमानत मिली है, उसे मीडियाकर्मी से दूर रखा गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मारपीट और कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जहां से उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. अब स्वतंत्र को 3 सप्ताह की जमानत मिल गई है, जहां 17 सितंबर को उसे रात में तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. इस दौरान एक बार फिर हाई ड्रामा देखने को मिला. क्योंकि स्वतंत्र की रिहाई की जानकारी मिलते ही मीडिया मौके पर जमा हो गया था. लेकिन जेल से बाहर निकलते ही सुरक्षाकर्मी दौड़ाकर स्वतंत्र भारद्वाज को सीधे कार में बैठाकर ले गए. इस दौरान स्वतंत्र को मीडिया से किसी भी तरह से बातचीत नहीं करने दिया गया.
तिहाड़ जेल के गेट नंबर-3 से बाहर निकाला
स्वतंत्र भारद्वाज को तिहाड़ जेल के गेट नंबर-3 से बाहर लाया गया. यहां पहले से मौजूद सुरक्षाकर्मियों और उसके समर्थकों ने चारों तरफ से घेर लिया. जेल के बाहर भारी संख्या में मीडियाकर्मी बयान का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों और कानूनी पेचीदगियों के चलते उन्हें मीडिया से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाहर आते ही उन्हें तुरंत एक सफेद रंग की गाड़ी में बैठाया गया और गाड़ी तेजी से वहां से निकल गई. इस दौरान मीडिया ने सवाल पूछने की कोशिश भी की, लेकिन सुरक्षा घेरे की वजह से स्वतंत्र भारद्वाज किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाया.
VIDEO | Delhi: Swatantra Bhardwaj released from Tihar Jail after getting bail in connection with alleged assault on father of a student activist during a protest at Jantar Mantar, among other charges.#SwatantraBhardwaj
— Press Trust of India (@PTI_News) September 18, 2026
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/uY1ipanH6Y
स्वतंत्र भारद्वाज को 3 सप्ताह की जमानत
स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने 15 सितंबर 2026 को 3 सप्ताह की जमानत दी है. यह जमानत 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर दी गई है. जमानत देते समय बेहद सख्त रुख अपनाया गया है और कई प्रतिबंध लगाए थे. अदालत के आदेश के मुताबिक भारद्वाज को इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह या पीड़ित पक्ष से संपर्क करने की मनाही है. कोर्ट ने उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इस विवाद से संबंधित किसी भी तरह की बयानबाजी करने से साफ तौर पर रोका है. यही वजह थी कि जेल प्रशासन और पुलिस ने रिहाई के वक्त उन्हें मीडिया के कैमरों से पूरी तरह दूर रखा.
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स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा मामला क्या है
दरअसल, जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की तरफ से नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था. आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान दलित समुदाय के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उन पर जातिसूचक टिप्पणियां की गईं. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज और उनके साथियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. उसे यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल मामले में 3 सप्ताह की जमानत दी गई है.
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