- शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनेंगे, जो बीजेपी की पहली बंगाल सरकार के प्रमुख होंगे
- शुभेंदु अधिकारी 55 वर्षों में पहले कोलकाता से बाहर के मुख्यमंत्री होंगे, जो पूर्वी मेदिनीपुर से आते हैं
- बंगाल में पिछली बार कोलकाता से बाहर के मुख्यमंत्री अजय मुखर्जी थे, जो 1971 में राज्य के मुख्यमंत्री थे
पश्चिम बंगाल को शुभेंदु अधिकारी के रूप में आज नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है. बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही हैं. वहीं, 1971 के बाद से पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब कोई कोलकाता से बाहर का नेता बंगाल की कमान संभालने जा रहा है. जी हां, शुभेंदु अधिकारी आज बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं और पिछले 55 सालों में राज्य प्रशासन की बागडोर संभालने वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे, जिनकी जड़ें ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हैं.
बंगाल में कोलकाता से बाहर के आखिरी बार मुख्यमंत्री 1971 में बने थे, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि अजय मुखर्जी ने (जो 1969 में कांग्रेस विभाजन के बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले एक अलग गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे) तीसरी बार मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था. अजय मुखर्जी अविभाजित मेदिनीपुर क्षेत्र से थे. अजय मुखर्जी 1967, 1969 से1970 और 1971 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे हैं.

बंगाल के मुख्यमंत्रियों की लिस्ट
- प्रफुल्ल चंद्र घोष : (15 अगस्त 1947 से 22 जनवरी 1948) कांग्रेस पार्टी
- बिधान चंद्र रॉय : (23 जनवरी 1948 से 25 जनवरी 1950) कांग्रेस पार्टी
- बिधान चंद्र रॉय : (26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1962) कांग्रेस पार्टी
- प्रफुल्ल चंद्र सेन : (1962 से 1967) कांग्रेस पार्टी
- अजय कुमार मुखर्जी : (1967, 1969 से1970 और 1971) बांग्ला कांग्रेस पार्टी
- प्रफुल्ल चंद्र घोष : (1967 से 1968) स्वतंत्र पार्टी
- सिद्धार्थ शंकर राय : (1972 से 1977) कांग्रेस पार्टी
- ज्योति बसु : (1977 से 2000) सीपीआई(एम)
- बुद्धदेव भट्टाचार्य : (2000 से 2011) सीपीआई (एम)
- ममता बनर्जी : (2011 से वर्तमान) तृणमूल कांग्रेस पार्टी
ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार शानदार जीत दर्ज कीं.
शुभेंदु अधिकारी और अजय मुखर्जी में गजब संयोग
संयोग देखिए, अजय मुखर्जी अविभाजित मेदिनीपुर क्षेत्र से थे. अब 55 साल बाद बंगाल को जो कोलकाता से बाहर का मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है, वो भी मेदिनीपुर क्षेत्र से ही आते हैं. शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी (Contai) / करकुली गांव में हुआ था. शुभेंदु के पिता शिशिर कुमार अधिकारी 3 बार के सांसद और मनमोहन सिंह सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रह चुके हैं. पूरा अधिकारी परिवार पूर्वी मेदिनीपुर की राजनीति से जुड़ा रहा है. शुभेंदु अधिकारी ने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद बनकर राजनीति शुरू की थी. उनके पास नंदीग्राम, हल्दिया और कांथी में पुश्तैनी जमीन-जायदाद भी है. इसलिए शुभेंदु अधिकारी मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और कांथी/नंदीग्राम इलाका उनका मुख्य राजनीतिक गढ़ रहा है. नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस बार भी शुभेंदु अधिकारी विधायक चुने गए है.
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शुभेंदु का शपथग्रहण समारोह
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 सीट में से 207 सीट जीतकर विजय पताका फहराई, जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीट पर सिमट गई. बंगाल में बीजेपी के उदय के प्रमुख सूत्रधारों में से एक शुभेंदु अधिकारी आज ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भव्य समारोह में राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने की घोषणा के बाद उनके गृह नगर पूर्व मेदिनीपुर और निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम में शुक्रवार को जश्न मनाया गया. अधिकारी के समर्थकों ने 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और उनके शांति कुंज स्थित आवास के बाहर नृत्य किया. पूर्व मेदिनीपुर शहर की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी के उत्साहित समर्थकों का सैलाब उमड़ा. यह शहर वर्षों से अधिकारी परिवार, जिसमें उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी शामिल हैं, से करीबी रूप से जुड़ा रहा है.
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