सुप्रीम कोर्ट कृषि कानूनों और दिल्ली की सीमाओं पर किसान के प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत गतिरोध को समाप्त करने के लिए समिति के एक सदस्य के अलग कर लेने के मामले पर भी ध्यान दे सकती है.
कोर्ट दिल्ली पुलिस की ओर से केंद्र सरकार की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च या किसी अन्य तरह के प्रदर्शन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने एक अंतरिम आदेश में अगले आदेश तक कृषि कानूनों पर रोक लगा दी थी. साथ ही शिकायतों को सुनने और गतिरोध के समाधान की सिफारिशों के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था. समिति में भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान के दक्षिण एशिया के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और शेतकरी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवत को शामिल किया गया.
-
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: क्या AI इस जमाने का असुर है? स्वामी सर्वप्रियानं ने क्या कहा? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब -
'खुशनसीब हूं कि भारत में पैदा हुई, जहां मस्जिद और मंदिर एक साथ मौजूद हैं', NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में मोहिनी डे
कोर्ट ने कहा था कि वह समिति के सुझाव देने के बाद याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, लेकिन न्यायालय के प्रयासों को उस समय झटका लगता प्रतीत हुआ, जब मान ने 14 जनवरी को खुद को समिति से अलग कर लिया था. इस पीठ में न्यायमूर्ति एन नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति विनीत सरन भी शामिल है. यह पीठ समिति से मान के स्वयं को अलग करने और उनकी जगह किसी अन्य को नियुक्त करने जैसे मामलों पर भी विचार कर सकती है.किसान संगठन ‘भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति' ने शनिवार को न्यायालय से आग्रह किया था कि समिति से शेष तीनों सदस्यों को हटाया जाए और ऐसे लोगों को उसमें रखा जाए जो परस्पर सौहार्द के आधार पर काम कर सकें.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं