- असम के CM हिमन्त बिश्व सरमा के खिलाफ कथित हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई है
- CPI(M) और CPI ने याचिका दाखिल कर CM के मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाले विवादित बयानों का आरोप लगाया है
- याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का एक वीडियो विवादित था और FIR दर्ज नहीं की गई थी
असम के मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व सरमा के खिलाफ कथित हेट स्पीच के मामले में सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई है.यह याचिका CPI(M) और CPI द्वारा दाखिल की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए कई विवादित बयान दिए गए हैं. वकील निज़ाम पाशा ने इस याचिका का ज़िक्र मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की पीठ के सामने किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को एक पोस्ट में मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था, लेकिन शिकायतें दिए जाने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है.
याचिका में क्या कहा गया है?
निज़ाम पाशा ने अदालत को बताया कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो ने व्यापक विवाद पैदा किया था. बाद में भारी विरोध के चलते वीडियो हटा भी लिया गया, लेकिन इस घटना के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं.
CJI ने क्या टिप्पणी की?
सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत ने टिप्पणी की “जब किसी राज्य में चुनाव होते हैं तो एक पार्ट सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ा जाता है.” उन्होंने स्पष्ट कहा कि अदालत इस मामले में तारीख देगी और इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा.
याचिका में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री के पुराने बयानों से लेकर हालिया वीडियो तक, कई ऐसे उदाहरण हैं जो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं. इन बयानों के चलते न केवल सामाजिक माहौल प्रभावित होता है, बल्कि यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहा है. CPI(M) और CPI ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट असम सरकार को FIR दर्ज करने का निर्देश दे और मामले की निष्पक्ष जांच हेतु कार्रवाई सुनिश्चित करे.
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